बिलासपुर पुलिस का “प्रहार”: फर्जी बैंक खातों और फर्जी मोबाइल नंबरों से संचालित ‘मैरिज ब्यूरो’ गिरोह का भंडाफोड़
बिलासपुर:पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज एवं पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देशानुसार, जिले में साइबर अपराधियों और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘प्रहार’ अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के सरकंडा और कोतवाली क्षेत्र में संचालित फर्जी मैरिज ब्यूरो की आड़ में चल रहे अंतर्राज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्यवाही में गिरोह के मुख्य संचालक सहित 04 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
म्यूल खातों की जांच से खुला ठगी का राज
इस संपूर्ण कार्यवाही की नींव ‘म्यूल अकाउंट्स’ की तकनीकी जांच के दौरान रखी गई। पुलिस टीम साइबर सेल के माध्यम से संदिग्ध बैंक खातों की निगरानी कर रही थी। जांच में यह पाया गया कि कई बैंक खाते ऐसे व्यक्तियों के नाम पर हैं, जिनका वास्तविक नियंत्रण उन खाताधारकों के पास न होकर किसी अन्य गिरोह के पास है। इन खातों में होने वाले लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पीछा करते हुए पुलिस मैरिज ब्यूरो के इस काले कारोबार तक पहुँची।

घटना का संक्षिप्त विवरण और शिकायत
मामले का खुलासा तब हुआ जब बिहार राज्य के एक पीड़ित ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि उसे एक मैरिज ब्यूरो द्वारा उपयुक्त वधु उपलब्ध कराने का झांसा दिया गया और रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 10,000 रुपये जमा कराए गए। राशि प्राप्त होते ही ब्यूरो के संचालकों ने उससे संपर्क तोड़ दिया और कोई सेवा प्रदान नहीं की। ठगी का आभास होने पर पीड़ित द्वारा दर्ज शिकायत की जांच के दौरान बिलासपुर पुलिस ने गिरोह के ठिकानों को चिन्हित किया।
छापेमारी और गिरोह का कार्य करने का तरीका
पुलिस टीम ने सरकंडा और कोतवाली थाना क्षेत्रों में स्थित कॉल सेंटरों पर एक साथ दबिश दी। जांच में यह खुलासा हुआ कि यह गिरोह अत्यंत सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था:
फर्जी प्रोफाइल: गिरोह ने कॉल सेंटर में कई युवतियों को काम पर रखा था। इन युवतियों के माध्यम से शादी के इच्छुक पुरुषों को कॉल कर उन्हें भावनात्मक रूप से फंसाया जाता था।
काल्पनिक पात्र: ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल और फोटो का सहारा लिया जाता था।
वित्तीय जालसाजी: गिरोह द्वारा फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक खातों का उपयोग किया जाता था ताकि वे कानून की नजरों से बच सकें। अब तक की जांच में इन खातों से लाखों रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है।
बरामदगी और गिरफ्तारी
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सामग्री जब्त की है, जिसमें शामिल हैं:
10 कंप्यूटर सेटअप (डाटा स्टोरेज के लिए प्रयुक्त)
70 मोबाइल फोन (विभिन्न फर्जी नंबरों के साथ)
20,000 रुपये नकद
लेनदेन से संबंधित दस्तावेज और रजिस्टर।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
महारथी साहु (31 वर्ष), निवासी जांजगीर-चाम्पा।
फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास (40 वर्ष), निवासी चांटिडीह, बिलासपुर।
तरुणा उर्फ सोनु खरे (40 वर्ष), निवासी चांटिडीह, बिलासपुर।
नीरा बाथम (32 वर्ष), निवासी खमतराई, बिलासपुर।
आगामी कार्यवाही और अपील
पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध थाना सरकंडा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के संदिग्ध केंद्रों की जानकारी मिली है, जहाँ जांच जारी है।
बिलासपुर पुलिस की अपील:
“आम जनता को सूचित किया जाता है कि किसी भी अनजान मैरिज ब्यूरो या मैट्रिमोनियल वेबसाइट के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान खाते में राशि जमा करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें। यदि आप भी ऐसी किसी ठगी का शिकार हुए हैं, तो तत्काल अपने नजदीकी थाने या साइबर सेल में सूचना दें।”


