सुरज वाधवानी की खास खबर
बिलासपुर के समाजसेवियों ने पेश की मानवता की मिसाल: मूक-बधिर बच्चियों की सेवा के साथ 50 संस्थाओं ने मिलाया हाथ
बिलासपुर | सर्वभूतहिते रताः” (सभी प्राणियों के हित में रत रहना) के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए आज शहर के विभिन्न समाजसेवी संगठनों और प्रबुद्ध जनों द्वारा सेवा कार्यों की एक अनुपम श्रृंखला आयोजित की गई। इस विशेष अभियान में न केवल जरूरतमंदों की सहायता की गई, बल्कि भविष्य के सेवा कार्यों के लिए एक साझा मंच भी तैयार किया गया।

मूक-बधिर बच्चियों के बीच सेवा से शुरुआत
दिन की शुरुआत नूतन चौक, सरकंडा स्थित मूक-बधिर कन्या विद्यालय से हुई। यहाँ साक्षात देवी स्वरूप कन्याओं के बीच पहुँचकर सेवा दल ने समय बिताया। समाजसेवी श्री विजय हिंदुजा के सहयोग से प्राप्त नए वस्त्र इन बच्चियों को भेंट किए गए। भीषण गर्मी को देखते हुए सभी बच्चियों को ठंडी लस्सी पिलाई गई, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान खिल उठी। इसके पश्चात राहगीरों को भी लस्सी पिलाकर गर्मी से राहत पहुँचाई गई।

सेवा की एकता: 50 से अधिक संस्थाएं हुईं एकजुट
समाजसेवा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ते हुए आज बिलासपुर के समाजसेवकों की एक वृहद बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में शहर की 50 से भी ज्यादा संस्थाएं एक मंच पर आईं। बैठक में मुख्य रूप से दीपा दीदी, रंधीर मेहता, अरुण कश्यप एवं उनके सुपुत्र सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए। सभी संस्थाओं ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि भविष्य में शहर के विकास और गरीबों के उत्थान के लिए सभी संगठन ‘एकजुट’ होकर कार्य करेंगे।

स्टेशन पर भोजन और वस्त्र वितरण
सेवा का यह सिलसिला देर शाम रेलवे स्टेशन पहुँचा, जहाँ जरूरतमंद और भूखे लोगों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया। साथ ही शेष बचे वस्त्रों का वितरण भी किया गया। इस पुनीत कार्य में दीपा दीदी, रंधीर मेहता, श्याम सुंदर चंद्रा एवं उनके परिवार का विशेष योगदान रहा।
भगवान से यही प्रार्थना है कि सेवा का यह भाव और हम सबकी यह एकता सदैव बनी रहे, ताकि हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचा सकें।


