बिलासपुर में एआई का खौफ: गुरुद्वारे के रागी ने मां-बेटी की अश्लील फोटो बनाकर वसूले 20 लाख, अब मांग रहा 20 करोड़।
एआई तकनीक से ब्लैकमेलिंग का बड़ा मामला, आरोपी रागी फरार
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरनाक दुरुपयोग और जबरन वसूली का एक अत्यंत गंभीर मामला प्रकाश में आया है। शहर के एक प्रतिष्ठित गुरुद्वारे से जुड़े एक रागी (कीर्तनकार) ने एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी की एआई जनित अश्लील तस्वीरें बनाकर उनसे लाखों रुपये वसूल किए और अब 20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगते हुए जान से मारने की धमकी दी है।
घटना का विवरण
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान गुरुद्वारे में कीर्तन करने वाले एक व्यक्ति के रूप में हुई है। आरोपी ने पहले पीड़ित परिवार के साथ विश्वास का रिश्ता बनाया और घर में पैठ बनाई। इसके बाद, आधुनिक एआई सॉफ्टवेयर का उपयोग कर उसने महिला और उसकी 18 वर्षीय बेटी के चेहरे का उपयोग कर आपत्तिजनक और अश्लील तस्वीरें/वीडियो तैयार किए।
इन फर्जी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने और परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने की धमकी देकर आरोपी ने अब तक अलग-अलग किस्तों में लगभग 20 लाख रुपये की वसूली कर ली है।
20 करोड़ की मांग और जानलेवा हमला
पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति और मजबूरी का फायदा उठाते हुए आरोपी के हौसले इतने बढ़ गए कि उसने अंततः 20 करोड़ रुपये की मांग रख दी। जब परिवार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी हिंसक हो उठा। बताया जा रहा है कि आरोपी हाथ में तलवार लेकर पीड़ित के घर पहुंचा और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
बदनामी के डर से पलायन और पुलिस कार्रवाई
आरोपी के आतंक और सामाजिक बदनामी के डर से पीड़ित परिवार बिलासपुर छोड़कर रायपुर में शरण लेने को मजबूर हो गया। परिवार ने रायपुर के तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जहाँ मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की गई। चूंकि घटनास्थल बिलासपुर का सिविल लाइन थाना क्षेत्र है, इसलिए मामले को संबंधित थाने में स्थानांतरित कर दिया गया है।
प्रबंधन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
इस घटना के सामने आने के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन ने तत्काल कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को उसकी सेवा से निष्कासित कर दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें जुटी हुई हैं।
चेतावनी और अपील
बिलासपुर पुलिस आम जनता से अपील करती है कि एआई और डीपफेक तकनीक के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें। यदि कोई व्यक्ति ऐसी तकनीक का उपयोग कर ब्लैकमेल करता है, तो डरे नहीं और तुरंत नजदीकी साइबर सेल या पुलिस स्टेशन में सूचना दें।


