तखतपुर में ‘मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना’ में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा नया स्कूल भवन; लोकार्पण के कुछ ही महीनों बाद दीवारों में आईं दरारें, उखड़ीं टाइल्स
लाखों की लागत से बने अतिरिक्त कक्षों की बदहाली से बच्चों की जान खतरे में।
विद्यालय में शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा भी नदारद; पालकों में भारी आक्रोश।
सुशासन तिहार में शिकायत के बाद एसडीएम नितिन तिवारी ने दिए जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश।

तखतपुर।नगर पालिका परिषद तखतपुर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में बच्चों के भविष्य और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। ‘मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना’ के अंतर्गत लगभग 28 लाख रुपए की भारी-भरकम लागत से निर्मित अतिरिक्त चार कक्षों का भवन उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद जर्जर होने लगा है। निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग के आरोपों के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।
लोकार्पण के कुछ ही महीनों बाद दरकने लगा भवन
गौरतलब है कि इस नए स्कूल भवन का लोकार्पण पिछले वर्ष 23 जुलाई 2025 को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका अध्यक्ष की मौजूदगी में बड़े उत्साह के साथ किया गया था। लेकिन महज कुछ ही महीनों में इस नवनिर्मित भवन की पोल खुल गई है।
स्कूल भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी और खतरनाक दरारें उभर आई हैं।
फर्श पर लगाई गई टाइल्स जगह-जगह से टूटकर उखड़ने लगी हैं।
भवन की इस दयनीय स्थिति को देखकर पालकों और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कड़ा संज्ञान नहीं लिया गया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है और मासूम बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं
इस आधुनिक कहलाने वाले भवन की एक और चिंताजनक हकीकत यह है कि यहाँ छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। इसके कारण स्कूली बच्चों को रोजाना भारी परेशानियों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। पालकों ने सरकार के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर बच्चों को एक सुरक्षित भवन और बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रही हैं।
सुशासन तिहार में शिकायत, एसडीएम ने कहा– ‘दोषियों पर होगी कार्रवाई’
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष द्वारा ‘सुशासन तिहार’ में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें निर्माण कार्य में हुई वित्तीय अनियमितताओं और तकनीकी खामियों को उजागर किया गया है।
इस संवेदनशील मामले पर संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नितिन तिवारी ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि:
“मामला सीधे तौर पर बच्चों की सुरक्षा और सरकारी राशि के दुरुपयोग से जुड़ा है। जांच के उपरांत निर्माण एजेंसी और संबंधित लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
अब क्षेत्र के नागरिकों और पालकों की नजरें प्रशासन की इस जांच पर टिकी हैं कि लाखों रुपए के इस भ्रष्टाचार के असली जिम्मेदारों पर कब और क्या कार्रवाई होती है।


