38 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद पन्नालाल यादव को भावभीनी विदाई शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय बिलासपुर में गरिमामयी समारोह
शॉल-श्रीफल,श्रीमद्भगवद्गीता एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया सम्मानित
बिलासपुर :- शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय,बिलासपुर में हमाल के पद पर लगभग 38 वर्षों तक पूरी निष्ठा,ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवाएं देने वाले पन्नालाल यादव के सेवानिवृत्त होने पर महाविद्यालय परिवार द्वारा 1 जुलाई 2026 को एक गरिमामयी एवं भावपूर्ण विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के

प्राचार्य,विभागाध्यक्ष,प्राध्यापकगण,अधिकारी,कर्मचारी एवं अतिथियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर यादव की दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान किया तथा उनके स्वस्थ,सुखद एवं मंगलमय भविष्य की कामना की।
समारोह का वातावरण भावुक होने के साथ-साथ सम्मान और आत्मीयता से परिपूर्ण रहा। मंच पर उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की सफलता केवल शिक्षकों के प्रयासों से ही नहीं,बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से भी सुनिश्चित होती है। पन्नालाल यादव ने अपने 38 वर्षों के सेवाकाल में पूरी ईमानदारी,अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।यही कारण है कि वे महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के बीच अपनी सादगी,विनम्रता और कर्मठता के लिए विशेष पहचान रखते हैं।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिवार की ओर से यादव का पुष्पहार पहनाकर,स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंट कर सम्मान किया गया।इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके सेवाकाल से जुड़े अनेक संस्मरण साझा किए और कहा कि उन्होंने हमेशा संस्थान के हित को सर्वोपरि रखा। समय की पाबंदी,कार्य के प्रति समर्पण तथा सभी के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार उनकी सबसे बड़ी विशेषता रही है। उन्होंने वर्षों तक महाविद्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने कर्तव्य पालन से सभी का विश्वास एवं सम्मान अर्जित किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.एस.के.सिंघई ने पन्नालाल यादव को शॉल,श्रीफल एवं श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी की सबसे बड़ी पहचान उसका कार्य और उसका आचरण होता है।यादव ने अपने पूरे सेवाकाल में जिस निष्ठा और ईमानदारी के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन किया,वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिवार उनके योगदान को सदैव स्मरण रखेगा और संस्था के विकास में उनकी सेवाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।
इस अवसर पर विभागाध्यक्षों एवं वरिष्ठ प्राध्यापकों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यादव ने अपने कार्यकाल में कभी भी जिम्मेदारियों से पीछे हटने का प्रयास नहीं किया। वे सदैव सहयोग की भावना से कार्य करते रहे और हर परिस्थिति में संस्था के प्रति समर्पित रहे। उनकी कार्यशैली,व्यवहार-कुशलता और सकारात्मक सोच ने उन्हें सभी का प्रिय बना दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने यादव के साथ बिताए गए वर्षों की अनेक यादें साझा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि महाविद्यालय में उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी,लेकिन उनके द्वारा स्थापित कार्य संस्कृति और अनुशासन की प्रेरणा आने वाले वर्षों तक सभी कर्मचारियों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
अपने सम्मान से अभिभूत पन्नालाल यादव ने महाविद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने पूरे सेवाकाल में सभी अधिकारियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों का भरपूर स्नेह,सहयोग और सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय उनके लिए केवल कार्यस्थल नहीं,बल्कि एक परिवार की तरह रहा,जहां उन्होंने जीवन के 38 महत्वपूर्ण वर्ष बिताए। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए संस्था से जुड़े मधुर अनुभवों को जीवनभर संजोकर रखने की बात कही।
समारोह के समापन पर महाविद्यालय परिसर स्थित सर एम.वी.हॉल में संस्था परिवार की ओर से स्नेह भोज का आयोजन किया गया,जिसमें सभी प्राध्यापकगण,विभागाध्यक्ष,अधिकारी,कर्मचारी एवं आमंत्रित अतिथियों ने सहभागिता की। आत्मीय वातावरण में आयोजित इस विदाई समारोह ने पन्नालाल यादव की लगभग चार दशक की उत्कृष्ट सेवाओं को सम्मानपूर्वक यादगार बना दिया। उपस्थित सभी लोगों ने उनके स्वस्थ,सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाएं व्यक्त करते हुए भावभीनी विदाई दी।
