पुत्रदा एकादशी पर ‘हंगर फ्री बिलासपुर’ का भंडारा: हाई टेक बस स्टैंड पर यात्रियों और जरूरतमंदों को बांटा गया भोजन
बिलासपुर। सनातन परंपरा के पावन पर्व पुत्रदा एकादशी के अवसर पर सामाजिक संस्था ‘हंगर फ्री बिलासपुर’ ने ‘कोई भी न सोए भूखा’ के ध्येय को साकार करते हुए स्थानीय हाई टेक बस स्टैंड पर भव्य भंडारे का आयोजन किया।
यह आयोजन चकरभाठा के हिरवानी परिवार के सहयोग से स्व. हरपाल दास हिरवानी एवं स्व. रानी हिरवानी की पुण्य स्मृति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आने-जाने वाले ग्रामीण मुसाफिरों, बस स्टैंड के कामगारों और निराश्रितों को पारंपरिक सिंधी व्यंजन ‘भुगल पुलाव’ व ‘चणन जी दाल’ के साथ मिष्ठान का वितरण किया गया।

प्रमुख बिंदु:
- पुण्य तिथि पर सेवा कार्य: सावन मास की पुत्रदा एकादशी पर वंश वृद्धि और संतान के दीर्घायु जीवन की कामना के साथ-साथ पितरों की स्मृति में यह सेवा कार्य आयोजित किया गया।
- विशिष्ट व्यंजन: भंडारे में पारंपरिक सिंधी भोजन परोसा गया, जिससे सैकड़ों लोगों ने तृप्त होकर लाभ उठाया।
- वरिष्ठ जनों का आभार: संस्था के संस्थापक सतराम जेठमलानी ने हिरवानी परिवार (निहालचन्द, मुकेश, विजय (बाबू), अनिल हिरवानी) और सहयोगी संस्था ‘सेवा एक नई पहल’ का आभार जताया।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी चंदर मंगतानी, ‘ऑक्सीजन मैन’ राजेश खरे, विकास घई, नवीन पंजवानी, महेंद्र माखीजा, मनोज सरवानी, माधव मुजुमदार और रेखा आहुजा सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे। सतराम जेठमलानी ने कहा कि राहगीरों और भूखों को भोजन कराना ही पूर्वजों के प्रति सबसे सच्ची श्रद्धांजलि है।














