हत्या के मामले में आरोपी मंगऊ राम कावड़े को आजीवन कारावास की सजा
कांकेर:माननीय मुख्य सेशन न्यायाधीश, कांकेर द्वारा अपने ही बड़े भाई की हत्या के गंभीर प्रकरण में आरोपी मंगऊ राम कावड़े (31 वर्ष) को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास एवं ₹1,000 अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। अर्थदण्ड अदा न करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
दिनांक 20 अक्टूबर 2025 को थाना आमाबेड़ा अंतर्गत ग्राम गरदा में आरोपी मंगऊ राम कावड़े अपने घर के आंगन में बैठा था। इसी दौरान उसका बड़ा भाई मंगतु राम कावड़े भरमार बंदूक लेकर आया और मोटरसाइकिल न देने की बात पर विवाद करते हुए उस पर फायर कर दिया। बंदूक से निकला लोहे का टुकड़ा आरोपी के पैर में लगा, जिससे वह घायल हो गया। इसके बाद आक्रोशित होकर आरोपी ने बंदूक छीनकर तोड़ दी और उसी बंदूक के बट से अपने बड़े भाई के सिर पर दो बार वार किया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण मंगतु राम की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

पुलिस विवेचना एवं अभियोजन:
घटना की सूचना पर थाना आमाबेड़ा में अपराध क्रमांक 13/2025 (धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता) दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
तत्कालीन पुलिस अधीक्षक श्री आई.के. एलेशेला (भापुसे.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आशीष बंछोर एवं एसडीओपी श्री शुभम तिवारी के पर्यवेक्षण में आमाबेड़ा पुलिस टीम द्वारा नए आपराधिक कानून के प्रावधानों के अनुसार त्वरित विवेचना और साक्ष्य संकलन किया गया।
न्यायालय में लोक अभियोजक श्री ईश्वर लाल साहू द्वारा प्रस्तुत प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोप संदेह से परे सिद्ध हुए, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने यह कठोर निर्णय सुनाया।
सजा पाने वाला आरोपी:
मंगऊ राम कावड़े (पिता: श्री सोमरु राम कावड़े), उम्र 31 वर्ष ग्राम गरदा, थाना आमाबेड़ा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर (छ.ग.)
सराहनीय पुलिस टीम:
प्रकरण की प्रभावी विवेचना में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद साहू, उपनिरीक्षक भुनेश्वर चंद्रवंशी, प्रधान आरक्षक ईश्वर मंडावी, आरक्षक चेतन यादव, घनश्याम सिंह नाग, नंदकुमार ठाकुर एवं सहयोगी पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही।



