आतुरगांव में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम का शुभारंभ
कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थी 300 कृषकों एवं महिला कृषकों से करेंगे संवाद
उत्तर बस्तर कांकेर, 12 अक्टूबर 2026/ रामप्रसाद पोटाई कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सिंगार भाट कांकेर द्वारा अंगीकृत ग्राम आतुरगांव एवं आश्रित ग्राम पत्थरी में चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती लक्ष्मी पोटाई, उपसरपंच श्री सरादु नेताम, ग्रामसभा अध्यक्ष श्रीमती कला मातला एवं ग्राम पटेल श्री राजकुमार कुरेटी की उपस्थिति में प्रभारी अधिष्ठाता डॉ. प्रमोद कुमार नेताम की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यक्रम में रावे प्रभारी डॉ. नेताम ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी पांच किसानों के संपर्क में रहकर उन्हें कृषि की उन्नत तकनीकों की जानकारी देगा। साथ ही विद्यार्थी किसानों से पारंपरिक कृषि पद्धतियों एवं उनके अनुभवों को सीखेंगे। इससे विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि की वास्तविक परिस्थितियों को समझने और किसानों की समस्याओं के अनुरूप समाधान सुझाने का अवसर मिलेगा। रावे के सहायक प्रभारी डॉ. पीयूष कांत नेताम ने बताया कि आतुरगांव एवं पत्थरी के लगभग 300 कृषकों और महिला कृषकों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं को समझा जाएगा। इसके आधार पर किसानों को उपयोगी कृषि तकनीकों की जानकारी देकर तकनीकी ज्ञान का हस्तांतरण किया जाएगा।

कार्यक्रम में डॉ. फुलसिंग मरकाम ने किसानों को धान की खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि फल एवं सब्जियों की खेती के माध्यम से किसान अपनी आय के स्रोत बढ़ा सकते हैं और वर्षभर आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। डॉ. अनिल नेताम ने कृषि लागत कम करने और किसानों की आय को मजबूत बनाने के लिए खेती के साथ सहायक गतिविधियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने शूकर पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, बतख पालन एवं मछली पालन जैसी गतिविधियों को आय बढ़ाने के उपयोगी माध्यम के रूप में बताया। ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती लक्ष्मी पोटाई ने किसानों से अपील की कि उनके गांव में कृषि तकनीकी ज्ञान पहुंचना सौभाग्य की बात है। किसानों को जागरूक होकर इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए, ताकि कृषि उत्पादन एवं आय में वृद्धि की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न मॉडलों के माध्यम से ग्रामीणों को कृषि संबंधी तकनीकों एवं गतिविधियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कृषक, युवा, किसान एवं पंचायत के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और कृषि संबंधी प्रदर्शनी का लाभ उठाया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अनिल दिव्य, श्री प्रदीप कुमार गंजीर, डॉ. जागृति पटेल, डॉ. अभिषेक शोरी एवं डॉ. उषा यादव उपस्थित थे।


