
रिपोर्टर — सुरज पुरेना
बिलासपुर न्यूज / छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज की विशेष बैठक रविवार को आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित हुआ कि राज्य में निवासरत “रावत” उपनामधारी यादव समाज के सभी वर्गों को केंद्र सरकार की अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) सूची में शामिल करने हेतु अनुशंसा की जाए। बैठक में समाज के पदाधिकारियों, वरिष्ठ सदस्यों एवं विभिन्न जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में “रावत” उपनामधारी यादव समाज राज्य सरकार की ओबीसी सूची में तो सम्मिलित है, किन्तु केंद्र सरकार की ओबीसी सूची में शामिल न होने के कारण समाज के हजारों परिवार केंद्र की आरक्षण सुविधा, छात्रवृत्ति, केंद्रीय सरकारी नौकरियों में आरक्षित कोटा तथा कई कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं।
संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि यह समाज ऐतिहासिक रूप से पशुपालन, दुग्ध व्यवसाय, कृषि एवं श्रम कार्यों से जुड़ा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद समाज ने शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक योगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। इसके बावजूद, केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल न होने से सामाजिक न्याय का पूरा लाभ इन्हें नहीं मिल पा रहा है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समाज का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार से मुलाकात कर इस विषय में आवश्यक अनुशंसा पत्र केंद्र सरकार को भेजने का आग्रह करेगा। साथ ही, ज्ञापन की प्रतियां राज्यपाल, मुख्यमंत्री, और संबंधित सांसदों एवं विधायकों को भी सौंपी जाएंगी।
समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल आरक्षण का विषय नहीं है, बल्कि यह समान अवसर, सामाजिक सम्मान और समावेशी विकास की दिशा में उठाया जाने वाला न्यायसंगत कदम है। संगठन ने केंद्र सरकार से तत्काल इस पर कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि “रावत” उपनामधारी यादव समाज के सभी वर्ग देश के मुख्यधारा के विकास में बराबरी से सहभागी बन सकें।