
रिपोर्टर — सुरज पुरेना
बिलासपुर न्यूज / भारतीय किसान संघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर खाद की कालाबाजारी और बिजली कटौती पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया कि प्रदेश में निजी व्यापारी किसानों का शोषण कर रहे हैं।

सोमवार को संघ के पदाधिकारी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में खाद की भारी कमी के कारण किसान मजबूरी में महंगे दाम पर निजी दुकानों से खाद खरीद रहे हैं। संघ के अनुसार, यूरिया ₹266 की जगह ₹800 प्रति बोरी और डीएपी ₹1350 की जगह ₹2000 प्रति बोरी बेचा जा रहा है। यह स्थिति किसानों के लिए भारी आर्थिक बोझ बन गई है।
किसान संघ ने यह भी कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही बिजली कटौती से सिंचाई कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। समय पर पानी न मिलने से कई जगह फसलें सूखने की कगार पर हैं। इससे किसानों की मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर रहा है।

संघ ने चेतावनी दी कि यदि खाद की कालाबाजारी और बिजली कटौती की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसान पहले से ही बढ़ती लागत और मौसम की मार से जूझ रहे हैं, ऐसे में प्रशासनिक लापरवाही उनकी स्थिति और बिगाड़ रही है।
दूसरी ओर, कृषि उपसंचालक ने बताया कि किसानों को लगातार खाद उपलब्ध कराया जा रहा है और जहां खाद उपलब्ध नहीं है, वहां उसके विकल्प दिए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्यादा कीमत पर खाद बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार खाद वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
किसान संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार इस मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करेगी। उनका कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप से किसानों को राहत मिलेगी और फसल बचाई जा सकेगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता अपनाना उनकी मजबूरी होगी।