
रिपोर्टर —सुरज पुरेना
बिलासपुर न्यूज / लिंगियाडीह स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेसी नेत्री यशोदा पाटिल एवं दिलीप पाटिल ने स्थानीय स्कूली बच्चों के साथ एक भव्य रैली निकालकर आज़ादी का जश्न मनाया। रैली के दौरान पूरे क्षेत्र में “जय हिंद, जय भारत”, “15 अगस्त अमर रहे” और “वंदे मातरम” जैसे जोशीले नारों से वातावरण गूंज उठा।
यह रैली लिंगियाडीह स्थित बजरंग चौक, अपोलो चौक, पंचायत भवन और सीता देवी स्कूल तक निकाली गई। मोहल्ले के सैकड़ों लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। रैली के बाद सीता देवी स्कूल परिसर में तिरंगा ध्वजारोहण कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास और सम्मान के साथ संपन्न हुआ। बच्चों ने देशभक्ति गीतों और नारों से माहौल को और भी ऊर्जावान बना दिया।

इस अवसर पर यशोदा पाटिल ने मोहल्ले के वासियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी को आज़ादी के 79वें वर्ष की बधाई देते हुए कहा कि यह दिन हमें त्याग, बलिदान और एकता का संदेश देता है। उन्होंने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज़ादी की असली पहचान तभी है जब हम समाज और देश की सेवा के लिए समर्पित होकर काम करें।
दिलीप पाटिल ने अपने उद्बोधन में कहा –
“जब आंख खुले तो धरती हिंदुस्तान की हो, जब आंख बंद हो तो यादें हिंदुस्तान की हो, हम मर भी जाएं तो कोई गम नहीं, लेकिन मरते वक्त मिट्टी हिंदुस्तान की हो।”
उनके इस भावपूर्ण संदेश पर उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गूंज उठा।

ध्वजारोहण कार्यक्रम में आसपास के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। बच्चों और युवाओं ने विशेष उत्साह के साथ भाग लिया। पूरा मोहल्ला देशभक्ति की भावना से सराबोर हो गया। यह आयोजन न केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव बना बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारा और राष्ट्रीय गौरव का संदेश भी लेकर आया।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे –
पार्षद जय वाधवानी ,डॉ. अशोक शर्मा, संजय सिंह चौहान ,शुभलक्ष्मी दास मैडम, हमाम खान, सिद्धार्थ भारती, आदर्श सेवते, विजय कश्यप, छन्नू श्रीवास, शंकर नायडू, सुनील वर्मा, श्वेता दास, अनीता, उर्मिला, लीला, मीनाक्षी, रूप वर्षा, अदिति, हनु पाटिल, सागर बैंस, संदीप पाटिल, पुष्पराज पाटिल, लल्लू श्रीवास, लखन कश्यप, बलराम, दीपांशु पाटिल, पृथ्वी सिंह, रूपेश कुमार साहू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।