
रिपोर्टर — सुरज पुरेना
Bilaspur news / गनियारी। नारी शक्ति समिति गनियारी की मेहनती दीदियां इन दिनों गहरे आर्थिक संकट से गुजर रही हैं। गनियारी और नगोई स्थित नारी शक्ति गारमेंट फैक्ट्री में कार्यरत बहनों का अनुबंध दक्षिण एक्सटीसी प्राइवेट लिमिटेड से किया गया था, लेकिन कंपनी द्वारा न तो नियमों का पालन किया जा रहा है और न ही अनुबंध के अनुरूप कार्य उपलब्ध कराया जा रहा है।

समिति की दीदियों का आरोप लगाते हुए कहना है कि कपड़ा समय पर उपलब्ध न होने से उत्पादन ठप हो गया है। वहीं, मेहनताने का भुगतान भी अनियमित हो गया है। कभी महीने भर इंतजार करना पड़ता है तो कभी वेंडर के सामने गिड़गिड़ाना पड़ता है। पहले गनियारी और नगोई दोनों मिलाकर लगभग 430 महिलाएं कार्यरत थीं, लेकिन अब दोनों केंद्रों में मिलाकर केवल 40 महिलाएं ही काम कर पा रही हैं। बाकी महिलाएं काम और वेतन न मिलने से फैक्ट्री आना बंद कर चुकी हैं।
महिलाओं ने बताया कि घर-परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि वेंडर द्वारा उन्हें खुलेआम धमकी तक दी जा रही है कि “जहां शिकायत करना है करो, कलेक्टर तक जाना है तो जाओ।” ऐसी लापरवाही और धमकी से महिलाओं में आक्रोश और असुरक्षा की भावना पनप रही है।
नारी शक्ति समिति की मांग है कि मौजूदा वेंडर की जगह दूसरी कंपनी या जिम्मेदार एजेंसी को अनुबंध सौंपा जाए, ताकि महिलाओं को समय पर काम और मेहनताना मिल सके। उनका कहना है कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो समिति से जुड़ी महिलाओं का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाएगा।
यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और शासन के सामने गंभीर सवाल खड़ा करती है कि महिला स्वावलंबन और सशक्तिकरण की योजनाओं के नाम पर बने इन केंद्रों में जब दीदियों को ही उनका हक नहीं मिल पा रहा है, तो योजनाओं का उद्देश्य कैसे पूरा होगा? अब जरूरत है कि शासन-प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप कर इन महिलाओं को न्याय दिलाए।