
रिपोर्टर — सुरज पुरेना
बिलासपुर न्यूज / छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने शुक्रवार को नेहरू चौक से राज्यभर में बंद कलम आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। संगठन का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के बावजूद कर्मचारियों की प्रमुख मांगें पूरी नहीं हो रही हैं। जब अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा तो आम नागरिकों को मिलने वाली गारंटी का क्या भरोसा रहेगा।
फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई लंबी है—”लड़कर लिया है, लड़कर लेंगे, मोदी की गारंटी लेकर रहेंगे।”
फेडरेशन ने एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन किया और 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
मुख्य मांगें
1. केंद्र के समान कर्मचारियों व पेंशनरों को 2% महंगाई भत्ता दिया जाए।
2. जुलाई 2019 से लंबित महंगाई भत्ते का एरियर जेपीएफ खाते में समायोजित किया जाए।
3. पिंगुआ समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
4. चार स्तरीय समयमान वेतनमान (8, 16, 24, 30 वर्ष) लागू किया जाए।
5. सहायक शिक्षक व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान मिले।
6. कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
7. अनुकंपा नियुक्ति पर से 10% सीलिंग हटाकर स्थायी आदेश जारी हो।
8. अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस तक मिले।
9. पुरानी पेंशन की बहाली हेतु एनपीएस कटौती तिथि से सेवा गणना की जाए।
10. सभी विभागों में सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए।
11. कार्यभारित, संविदा व दैनिक वेतनभोगियों का नियमितिकरण किया जाए।