
रिपोर्टर — सुरज पुरेना
बिलासपुर न्यूज / देवताओं में प्रथम पूज्य भगवान गणेश के आगमन के अवसर पर शहर की सड़कों का हाल एक बार फिर उजागर हो गया। विधानसभा, लोकसभा और नगर निगम चुनाव बीत गए लेकिन न्यायधानी की जर्जर सड़कें आज भी जस की तस हैं। गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालु उत्साह के साथ विघ्नविनाशक की प्रतिमाएं लेकर निकले, लेकिन स्वागत हुआ उबड़-खाबड़ गड्ढों और बरसाती गंदे पानी से लबालब भरी सड़कों पर।
गांधी चौक से लेकर जुना बिलासपुर हटरी चौक के बीच की सड़क इसका जीता-जागता उदाहरण है। यहां गणेश प्रतिमाएं लेकर जा रहे वाहन और ठेले जगह-जगह पानी से भरे गड्ढों में फंसते और हिचकोले खाते दिखे। कहीं जाम की स्थिति बनी तो कहीं भक्तों को प्रतिमा संभालने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्मार्ट सिटी और महानगर के तमगे से नवाजे जाने वाले बिलासपुर की सड़कों का यह हाल सवाल खड़े करता है। अफसरशाही गणपति परिक्रमा जैसे आयोजनों में तो सक्रिय दिखती है, लेकिन आम जनता की सड़कों और सफाई व्यवस्था की सुध नहीं ली जाती। शहरवासी तंज कसते हैं कि प्रशासन को भगवान के आगमन तक की परवाह नहीं, तो आम इंसान की क्या सुध लेंगे।

जूना बिलासपुर क्षेत्र में तो स्थिति और भी बदतर रही। गड्ढों और कीचड़ के बीच गणेश प्रतिमा से लदी गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहीं। लोगों का कहना है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि सिर्फ अपने बंगले और आसपास की सड़कों को दुरुस्त करवाते हैं, बाकी शहर को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है।
त्योहारों पर एक ओर जहां भक्त गणपति बप्पा के स्वागत में जुटे हैं, वहीं सड़क और सफाई व्यवस्था की पोल खुलने से शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।