भक्ति और आस्था का संगम—41वाँ अखण्ड नवधा रामायण यज्ञ समारोह
बिलासपुर (चिंगराजपारा): आध्यात्मिक चेतना और लोक कल्याण की मंगल कामना के साथ, लक्ष्मी चौक, चिंगराजपारा की पावन धरा पर इस वर्ष 41वें अखण्ड नवधा रामायण यज्ञ समारोह का भव्य शुभारंभ आज हुआ है। पिछले चार दशकों से निरंतर आयोजित हो रहा यह अनुष्ठान न केवल क्षेत्र की धार्मिक पहचान बन चुका है, बल्कि यह एकता और सद्भाव का प्रतीक भी है।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ:
अखण्ड नाम संकीर्तन: नौ दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ में मानस की चौपाइयों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहेगा।
प्रख्यात मानस मंडलियाँ: समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित रामायण दल अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों और व्याख्यान के माध्यम से श्रीराम के आदर्शों का प्रसार करेंगे।
भण्डारा एवं प्रसाद: यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालु सादर आमंत्रित हैं।

आयोजन का उद्देश्य:
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस 41वें वर्ष को विशेष बनाने के लिए व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना है।
स्थान: लक्ष्मी चौक, चिंगराजपारा, बिलासपुर

जिसमे मे मुख्य अथिति माहापौर पुजा विधानी उपस्थित रही आयोजन समिति समस्त धर्मप्रेमी जनता से अपील करती है कि इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें और आयोजन को सफल बनाएँ।

