BHARTENDU KAUSHIK (REPORTER)

बिलासपुर /प्रार्थी सुभाष चंद्र गुरू पिता स्व. मुरली मनोहर गुरू उम्र 62 वर्ष निवासी सारंगढ़ जिला सांरगढ़ (छ.ग.) को वर्ष 2022 से 2024 तक मोबाईल धारक 8381815808, 9540918473 एवं 9118428483, 7970882319, 9289771925 के द्वारा अलग-अलग समय में कॉल कर लेप्स रिलायंस इंश्योरेंस पॉलिसी का जमा पैसा वापस दिलाने के नाम पर अलग-अलग शुल्क अनापत्ती हटाने के नाम पर अपने बातो में उलझा कर सभी राशि वापस होने के झांसा देते हुये कुल 48,42,075/- रूपये ठगी करने की लिखित आवेदन पत्र के आधार पर थाना कोतवाली सारंगढ जिला सारंगढ़़ में नंबरी अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
विवेचना दौरान प्रार्थी के बैंक खाता संबंधित बैंक से बैंक स्टेटमेंट तथा सायबर अपराध पोर्टल में किये रिपोर्ट का ए.टी.आर. रिपोर्ट के आधार पर खाता धारको एवं मोबाईल धारकों के संबंध में जानकारी प्राप्त किया गया। सायबर क्राईम रिपोर्टिंग पोर्टल अद्यतन रिपोर्ट, ठगी की रकम प्राप्त करने में उपयोग किये बैंक खातों को चिन्हांकित कर बैंक खाता धारकों की जानकारी, ऑनलाईन ट्रांजेक्शन तथा घटना से संबधित तकनीकी जानकारी प्राप्त किया गया,


प्राप्त जानकारी के आधार पर आरोपी दिल्ली, उत्तर प्रदेश प्रांत के विभिन्न शहर के निवासी होने की जानकारी प्राप्त होने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार विशेष टीम दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश हेतु रवाना की गई, लगातार पतासाजी कर ऑनलाईन ठगी का काम करने में खाता धारक कुलदीप पिता स्व.श्री. मदनपाल सिंह निवासी नोएडा का पता तलाश किया गया
जो अपने घर पर उपस्थित मिला जिससे पूछताछ करने पर बताया की अपने साथी नितेश कुमार पिता जगदिशचंद निवासी नोएडा जिला गौतमबुद्ध नगर उत्तरप्रदेश के बैंक खाता का उपयोग शैलेष मिश्रा एवं उसका भाई मनीष मिश्रा और उसका साथी हिमांशु व अन्य के साथ मिलकर आम लोगो को लेप्स इंश्योरेंस पॉलिसी का जमा पैसा तथा अन्य प्रकार के निवेश में फंसा पैसा वापस दिलाने के नाम पर अलग-अलग बहाने से झांसा देकर ठगी का रकम मंगाते थे और सभी साथ में मिलकर जुर्म करना स्वीकार किया।

आरोपियो द्वारा पूछताछ करने पर बताया गया कि कॉल सेंटर से मोबाईल नंबर डाटा की जानकारी खरीदते थे और फिर शैलेष मिश्रा एवं उसका भाई मनीष मिश्रा और उसके साथी अपना खुद का फर्जी कॉल सेंटर खोलकर इनके द्वारा फर्जी बैंक खाता खुलवाकर उसमें एटीएम कार्ड और रजिस्टर्ड्र मोबाईल नम्बर प्राप्त कर विभिन्न लोगो के नाम से फर्जी सीम कार्ड खरीदकर ठगी की रकम को इनके बैंक खाताओं में जमा करवाया जाता था, तथा फर्जी सीम व एटीएम के माध्यम से ठगी की रकम का आहरण किया जाता था।
आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर बिलासपुर लाया गया है, आरोपियों से पूछताछ कर उनके द्वारा ठगी से प्राप्त रकम के निवेश के संबंध में जानकारी ली गई है उनके द्वारा ठगी के रकम से बनायी गई संपत्ति को जप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। आरोपियों को न्यायालय बिलासपुर प्रस्तुत कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है
बिलासपुर पुलिस की अपील …
साइबर ठग आये दिन नये नये तरीको के माध्यम से आम जनता से धोखाधड़ी करने का प्रयास करते है –
शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देने वाले अनजान कॉल से सावधान रहें एवं किसी भी प्रकार के व्हाट्सएप ग्रुप में न जुडे़ और न ही किसी प्रकार की जानकारी साझा करें।
कोई भी व्यक्ति अनजान नम्बर से अपने आप को कस्टम विभाग, पुलिस अधिकारी, सी.बी.आई. अथवा ई.डी. का अधिकारी बताकर बताकर ठगी करने का प्रयास करते है जिसमें पार्सल कैंसल हो गया है पार्सल में 11 नग एटीएम कार्ड ड्रग्स मिला है जिसे कस्टम विभाग द्वारा जप्त किया गया है कहकर ‘‘डिजीटल अरेस्ट’’ के नाम पर ठगी किया जा रहा है इस प्रकार के ठगी से सावधान रहे।
पार्सल के नाम पर मोबाईल नंबर पर कॉल करने कहा जाता है जिससे कस्टमर का कॉल फारवर्ड एक्टिवेट हो जाता है और कॉल तथा मैसेज की जानकारी ठगों के पास चली जाती है तो इस प्रकार के कॉल से सावधान रहे।
किसी भी लुभावने या सस्ती कीमतों पर मिलने वालों सामानों को खरीदते समय नगद, कैश, ऑन डिलीवरी) में लेन-देन करें।
अनजान व्यक्ति जिसका नम्बर आपके मोबाईल पर सेव नही है उसके साथ कभी भी कोई निजी जानकारी, बैंकिग जानकारी, ओटीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड फोटो आदि शेयर न करे।


अनजान वेबसाईट एवं अनाधिकृत एप डॉउनलोड या सर्च करने से बचे।
कम परिश्रम से अधिक लाभ कमाने अथवा रकम दुगना करने का झांसा देने वाले व्यक्तियों से सावधान रहे खुद को स्वयं होकर ठगो के पास न पहॅुचाये।
स्वयं की पहचान छुपाकर सोशल मिडीया फेसबुक, इन्स्टाग्राम, व्हाट्सएप इत्यादि के माध्यम से ईंटिमेट (अश्लील लाईव चैंट) करने से बचे।
परीक्षा में अधिक अंको से पास करा देने की झांसा देने वाले व्यक्तियो खासकर +92 नम्बरो से होने वाले साइबर फ्रॉड की घटना घटित होने पर निम्न प्रकार से त्वरित
रिपोर्ट दर्ज करा सकते है….
तत्काल नजदीकी थाना में अपनी शिकायत दर्ज करें।
हेल्पलाईन नम्बर 1930 पर सम्पर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते है।
https://cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते है।


