भाजपा के इशारे पर नगर निगम गरीबों का आशियाना उजाड़ने में आमादा –रविंद्र सिंह
लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन आज महाधरना का 50 वा दिन छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह ठाकुर हुए शामिल l
बिलासपुर जिला शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र सिंह जी ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से अन्याय अत्याचार करने में लगी हुई है। जिला व नगर निगम प्रशासन भाजपा सरकार के इशारे में गरीबों के आशियाना उजड़ने में लगा हैं। ज्ञात हो कि पूर्व में कांग्रेस सरकार गरीबों को बसाकर उन्हे आवासीय पट्टा देने का काम किया। पर वर्तमान भाजपा सरकार इन गरीबों के आवास उजाड़ने का काम कर रही है। शहर के कई हिस्सों को चुन चुन कर शासकीय जमीन बताकर उनके आवास पर बुलडोजर चला रहे हैं। जो गरीबों के साथ सरासर अन्याय है।आज का धरना आंदोलन में बैठे सैकड़ो महिलाएं अपने हक, घर बचाने का काम कर रही है । इस आंदोलन में बैठे महिलाओं का हाय भाजपा को जरूर लगेगा और 3 साल बाद भाजपा सत्ता से निश्चित ही बाहर चली जाएंगी। यही माता बहने भाजपा के नेताओं को सत्ता से उतार कर अपना बदला जरूर लेगी।

पूर्व ब्लाक अध्यक्ष सखन दर्वे ने कहा कि 50 दिन अनवरत आंदोलन भाजपा को सबक सिखाएंगे। पिछड़े वर्ग के नेता श्याम मुरत कौशिक ने कहा कि भाजपा धर्म की राजनीतिक कर रही है और गरीबों के साथ घोर उपेक्षा कर उन्हें बेदखल करने में लगे हैं। मंदिर मस्जिद के नाम पर राजनीतिक करने वाले यह भाजपा सरकार पहले लिंगियाडीह वासियौ को न्याय दिलाए।भाजपा सरकार बाद में गार्डन और अन्य निर्माण करें।

आज के इस महा धरना आंदोलन में रामेश्वर केसरी, राकेश केसरी, भोलाराम साहू, डॉ रघु साहू ने भी धरना को संबोधित किया इस अवसर पर वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल ने संचालन किया । आभार प्रकाश मिश्रा ने किया।
आंदोलन स्थल पर प्रमुख रूप से डॉ. रघु, श्याम मूरत कौशिक,
भोलाराम साहू, यशोदा पाटिल, परमिला ध्रुव, अनिता ध्रुव, नंदनी ध्रुव, आरती श्रीवास, मालती यादव, रामबाई माजिपी, शीला सिंह, सीता साहू, संगीता भादव, जयकंवर अहिरवार, अजनी रजक, कल्याणी यादव, मोगरा यादव, बाई चौहान, पिल्ली बाई, मालती मानिकपुरी, अनुपा श्रीवास, जानकी गोड़, कुमारी मानिकपुरी, संतोषी श्रीवास, रामवाई मानिकपुरी, खोरबहारिन यादव, सवित्ती यादव, भरजीना बेगम, नीरा सेन, लीला भोई, आरती सूर्यवंशी, मथुरी सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या मोहल्लेवासी शामिल रहे।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। लिंगीयाडीह बचाओ आंदोलन अब केवल एक मोहल्ले या वार्ड का नहीं, बल्कि पूरे शहर के जनसमर्थन का प्रतीक बनता जा रहा है।

