बिल्हा में नाली व सड़क निर्माण बना दुकानदारों के लिए मुसीबत: दिन में उड़ती धूल से कारोबार ठप, रात में काम कराने की मांग
बिलासपुर जिले के बिल्हा क्षेत्र में वर्तमान में चल रहे नाली और सड़क निर्माण कार्य ने स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों की नाक में दम कर रखा है। निर्माण प्रक्रिया में बरती जा रही लापरवाही और धूल नियंत्रण के उपायों के अभाव के कारण पूरा बाजार क्षेत्र धूल के गुबार में तब्दील हो गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि व्यापारियों का न केवल स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि उनका व्यवसाय भी पूरी तरह से चौपट होने की कगार पर है।

दिन में कार्य होने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि नियमानुसार भारी निर्माण कार्य और खुदाई का काम रात के समय किया जाना चाहिए, ताकि जनजीवन प्रभावित न हो। इसके विपरीत, निर्माण एजेंसी द्वारा काम दिन के व्यस्त समय में किया जा रहा है। जब भारी मात्रा में धूल उड़ती है, जो सीधे दुकानों के भीतर रखे सामानों पर जम रही है।

व्यापारियों का आक्रोश
बिल्हा मुख्य मार्ग के व्यापारियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि सुबह दुकान खोलते ही धूल की परतें जमना शुरू हो जाती हैं। खाने-पीने की दुकानों, कपड़ों के शोरूम और किराना दुकानों में रखा सामान खराब हो रहा है। धूल के कारण ग्राहक बाजार आने से कतरा रहे हैं, जिससे दैनिक बिक्री में 50 से 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। दुकानदारों का कहना है कि वे दिन भर मास्क लगाकर बैठने को मजबूर हैं, फिर भी सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

धूल रोकने के इंतजाम शून्य
नियमों के मुताबिक, निर्माण स्थल पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाना अनिवार्य है ताकि धूल न उड़े। लेकिन यहां ठेकेदार और संबंधित विभाग द्वारा इस नियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पाइपों को घसीटने और खुदाई के दौरान उड़ने वाली मिट्टी को दबाने के लिए पानी का छिड़काव नाममात्र के लिए भी नहीं किया जा रहा है।
प्रमुख मांगें:
कार्य का समय परिवर्तन: भारी निर्माण कार्य और पाइप बिछाने का काम रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच किया जाए।
नियमित जलाभिषेक: निर्माण स्थल और मुख्य मार्ग पर दिन में कम से कम तीन से चार बार पानी का छिड़काव सुनिश्चित हो।
सुरक्षा मानक: धूल को रोकने के लिए निर्माण क्षेत्र को ग्रीन नेट या तिरपाल से कवर किया जाए।
चेतावनी
क्षेत्र के समस्त व्यापारियों और नागरिक संघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया और धूल की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। दुकानदारों ने जिला प्रशासन और नगर पंचायत से मांग की है कि निर्माण कार्य में हो रही इस लापरवाही की तत्काल जांच की जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

