संवाददाता सुरज वाधवानी
प्री-वेडिंग शूट पर रोक लगाने की मांग तेज हिन्दू समाज को एकजुट होकर करनी चाहिए पहल साहू समाज की पहल की हो रही सराहना
अप्रैल में हिन्दू सम्मेलन में संकल्प लाने की घोषणा
रायपुर।प्री-वेडिंग शूट को लेकर समाज में लगातार बढ़ती दिखावे और फिजूलखर्ची की प्रवृत्ति पर अब खुलकर विरोध शुरू हो गया है। सामाजिक मर्यादाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ मानी जा रही इस परंपरा को प्रतिबंधित किए जाने की मांग तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में साहू समाज द्वारा प्री-वेडिंग शूट पर रोक लगाने की जो शुरुआत की गई है, उसकी चारों ओर सराहना की जा रही है।
अखिल भारतीय हिंदू परिषद के प्रदेश अध्यक्ष आलोक पांडे ने साहू समाज को इस साहसिक और अनुकरणीय पहल के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्री-वेडिंग शूट भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों के विपरीत है। यह परंपरा समाज में अनावश्यक प्रतिस्पर्धा, दिखावा और आर्थिक बोझ को बढ़ावा दे रही है, जिससे आम परिवारों पर दबाव बनता है।

आलोक पांडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिन्दू समाज के सभी लोगों को एकजुट होकर इस कुरीति का विरोध करना चाहिए। विवाह जैसे पवित्र संस्कार को सोशल मीडिया प्रदर्शन और फैशन शो का रूप देना हमारी परंपराओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है सादगी, संस्कार और संस्कृति को प्राथमिकता देने की।
उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले अप्रैल माह में आयोजित होने वाले हिन्दू सम्मेलन में इस विषय को लेकर एक ठोस संकल्प लाया जाएगा। सम्मेलन में प्री-वेडिंग शूट जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रस्ताव रखा जाएगा और समाज को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने की रणनीति बनाई जाएगी।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि साहू समाज ने जो पहल की है, वह अन्य समाजों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। यदि सभी समाज इस दिशा में आगे आएं तो निश्चित रूप से इस दिखावटी परंपरा पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे विवाह को संस्कार के रूप में देखें, न कि प्रदर्शन का माध्यम बनाएं।
समाज के वरिष्ठजनों और सामाजिक संगठनों ने भी इस विचार का समर्थन किया है और कहा है कि प्री-वेडिंग शूट जैसी परंपराएं धीरे-धीरे सामाजिक असमानता और मानसिक दबाव को जन्म दे रही हैं। ऐसे में समय रहते इस पर रोक लगाना जरूरी है।

