बिलासपुर: रफ़्तार का कहर या रसूख की लापरवाही? शोरूम में घुसी कार व्यापारी की सांसें ऑक्सीजन पर!

बिलासपुर | शहर के तेलीपारा स्थित ‘नरेश बाजार’ में शनिवार को जो मंजर दिखा, उसने हर किसी का दिल दहला दिया। एक शोरूम में,एक कार काल बनकर बैक गियर में अंदर घुस गई। चीख-पुकार मची और देखते ही देखते कपड़ा व्यापारी विजय सबनानी घायल होकर गिर पड़े।
CCTV का खौफनाक सच और चालक की कुंडली
घटना का जो CCTV फुटेज सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। जांच में पता चला है कि स्टेयरिंग थामने वाला हाथ सिर्फ 18 साल 5 महीने के एक युवक का था। विडंबना देखिए—गाड़ी का इंश्योरेंस तो है, लेकिन चलाने वाले के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं था। बिना अनुभव और बिना अधिकार के सड़क पर दौड़ती यह मशीन आज एक परिवार के लिए मातम का कारण बनने वाली थी
अस्पताल से ग्राउंड रिपोर्ट: पैनिक अटैक और ऑक्सीजन का सहारा
विजय सबनानी की स्थिति इस वक्त बेहद नाजुक है। सिम्स से रेफर होकर उन्हें तोरवा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहाँ वे ऑक्सीजन सपोर्ट पर अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। बीती रात उन्हें पैनिक अटैक भी आया, जिसने डॉक्टरों और परिजनों की चिंता को दोगुना कर दिया है।
पैसे की हनक या मदद का हाथ?

पीड़ित परिवार का आरोप है कि एक तरफ वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और दूसरी तरफ आरोपी पक्ष की ओर से इलाज में मदद के बजाय धमकाने वाले फोन आ रहे हैं। क्या किसी की जान की कीमत इतनी सस्ती है? पुलिस ने फिलहाल कार को कब्जे में लिया है और डॉक्टरों की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि केस में और भी सख्त धाराएं जोड़ी जा सकें।
सवाल बड़ा है: क्या बिना लाइसेंस के गाड़ी थमाने वाले अभिभावक इस गंभीर हालत के जिम्मेदार नहीं हैं?


