पद के दुरुपयोग और आय से अधिक संपत्ति के मामले में डीएसपी कल्पना वर्मा निलंबित
रायपुर: राज्य शासन ने पुलिस विभाग में अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। बिलासपुर और दंतेवाड़ा में पदस्थ रहीं उप पुलिस अधीक्षक (DSP) कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह निर्णय शासन द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद लिया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि और जांच पिछले कुछ समय से डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच विवाद तथा उनके आपसी संबंधों को लेकर गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर शासन ने एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि कल्पना वर्मा ने सरकारी पद पर रहते हुए अनैतिक रूप से लाभ अर्जित किया और अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए अनुपातहीन संपत्ति बनाई।

विभागीय कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- विरोधाभासी बयान: जांच टीम के समक्ष दिए गए बयानों में डीएसपी कल्पना वर्मा के उत्तर अत्यंत विरोधाभासी पाए गए, जिससे भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई।
- गंभीर कदाचार: शासन ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन और गंभीर कदाचार (Misconduct) माना है।
- निलंबन: मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग ने उन्हें तत्काल निलंबित कर पुलिस मुख्यालय (PHQ) संबद्ध करने का आदेश जारी किया है।
शासन का पक्ष राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी लोक सेवक द्वारा गरिमा के विरुद्ध किया गया कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और आर्थिक जांच अभी जारी है।


