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श्री सिंधु अमरधाम आश्रम चकरभाटा में संपन्न हुआ भव्य सामूहिक विवाह महोत्सव
6 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे; आशीर्वाद और उपहारों के साथ नवदंपतियों ने शुरू किया नया जीवन

बिलासपुर/चकरभाटा | 16 फरवरी 2026 परम आराध्य भगवान झूलेलाल जी की असीम अनुकम्पा और ब्रह्मलीन बाबा गुरमुख दास जी के आशीर्वाद से, श्री सिंधु अमरधाम आश्रम (चकरभाटा कैंप) द्वारा इस वर्ष भी महाशिवरात्रि के पावन उपलक्ष्य पर सामूहिक विवाह का गरिमामय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। रविवार, 15 फरवरी 2026 को झूलेलाल नगर स्थित आश्रम परिसर में आयोजित इस समारोह में 6 जोड़े पवित्र परिणय सूत्र में बंधकर अपने दांपत्य जीवन की शुरुआत की।

धार्मिक अनुष्ठान और भव्य आयोजन
पूज्य सांई लालदास जी के पावन सानिध्य में आयोजित इस समारोह की शुरुआत सुबह 8:30 बजे ‘रामसत’ के साथ हुई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके पश्चात सुबह 10:00 बजे मुकुट बंधन की रस्म अदा की गई।

आयोजन का मुख्य आकर्षण भव्य बारात रही, जो सुबह 11:00 बजे श्री झूलेलाल मंदिर से गाजे-बाजे के साथ निकली। दोपहर में ‘जानीवासा’ की रस्म निभाई गई और महिलाओं द्वारा पारंपरिक ‘लाडा’ (लेडीज संगीत) के गीतों ने उत्सव के आनंद को दोगुना कर दिया। सभी उपस्थित अतिथियों और बारातियों के लिए स्नेह भोज का आयोजन किया गया। शाम 4:00 बजे विधि-विधान से पवित्र वेदी पर हस्त मिलाप और फेरों की रस्म संपन्न हुई।

संस्था द्वारा दिया गया स्नेह उपहार (कन्यादान)
श्री सिंधु अमरधाम आश्रम द्वारा नवदंपतियों को गृहस्थी बसाने के लिए आवश्यक समस्त सामग्रियों का वितरण किया गया। उपहारों की सूची में आधुनिक सुविधाओं से लेकर पारंपरिक आवश्यकता की वस्तुएं शामिल रहीं:

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: व्हर्लपूल फ्रिज (190 लीटर), 32 इंच LED टीवी, इलेक्ट्रिक केतली, और आयरन प्रेस।
घरेलू वस्तुएं: डबल बेड, गद्दे, कंबल, दोहड़, अलमारी, सिलाई मशीन, हैंड जूसर, इडली मेकर, प्रेशर कुकर, डिनर सेट, और ट्राली बैग।
आभूषण और नकदी: सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पायल, बिछिया, और ईयर रिंग्स के साथ 3200/- रुपये नकद (कटोरे में) प्रदान किए गए।
वस्त्र और श्रृंगार: दूल्हे के लिए शेरवानी, कोट सेट और दुल्हन के लिए लहंगा, सूट, मेकअप किट और अन्य परिधान।
धार्मिक प्रतीक: पवित्र गीता ग्रंथ और श्री झूलेलाल सांई की मूरत प्रदान कर जोड़ों को आध्यात्मिक शक्ति से जोड़ा गया।
सांई लालदास जी का आशीर्वाद
इस अवसर पर सांई लालदास जी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सामूहिक विवाह न केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक है, बल्कि यह फिजूलखर्ची को रोककर समाज को एक नई दिशा प्रदान करता है। उन्होंने ब्रह्मलीन बाबा गुरमुख दास जी के दिखाए मार्ग पर चलने और सेवा भाव को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।
समापन
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सिंधी समाज के प्रबुद्ध जन और चकरभाटा क्षेत्र के निवासी उपस्थित रहे। आश्रम प्रबंधन ने सभी दानदाताओं और सेवादारों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह पुनीत कार्य निर्विघ्न संपन्न हुआ।कार्यक्रम में शामिल हुए मनीष लाहोरानी सन्नी लाहोरानी कैलाश मलघानी अमर बजाज मोहन मदवानी मनोहर खटवानी गोविंद बत्रा अमित संतवानी उपस्थित थे



