बिलासपुर में मच्छरों का बढ़ता आतंक: बीमारियों के साये में शहरवासी, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में पिछले कुछ हफ्तों से मच्छरों का प्रकोप इस कदर बढ़ गया है कि शहरवासियों का जीना मुहाल हो गया है। शाम ढलते ही शहर के रिहायशी इलाकों से लेकर मुख्य बाजारों तक मच्छरों के झुंड डेरा डाल लेते हैं, जिससे न केवल आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी तेजी से मंडराने लगा है।

प्रमुख समस्याएं और मोहल्लों का हाल
शहर के दयालबंद, चांटीडीह, तिफरा, सरकंडा और व्यापार विहार जैसे क्षेत्रों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नालियों की नियमित सफाई न होने और जगह-जगह जलभराव के कारण मच्छरों का प्रजनन बढ़ा है। शाम 6 बजे के बाद घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद करना मजबूरी बन गया है, फिर भी राहत नहीं मिल रही है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
शहरवासियों ने नगर निगम की कार्यशैली पर गहरा रोष व्यक्त किया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि:
शहर के अधिकांश वार्डों में लंबे समय से फॉगिंग मशीन नहीं चलाई गई है।
नालियों में एंटी-लार्वा रसायनों का छिड़काव बंद पड़ा है।
खाली प्लॉटों में जमा कचरा और गंदा पानी मच्छरों का ब्रीडिंग ग्राउंड बन चुका है।
बिलासपुर के नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर निगम आयुक्त से मांग की है कि पूरे शहर में युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाया जाए, नियमित फॉगिंग सुनिश्चित की जाए और मच्छरों के रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।



