12 साल के शेख आफिल की इबादत ने पेश की मिसाल, दादी के साथ रख रहे पूरे रमज़ान के रोज़े
बिलासपुर जिले के तालापारा संजय नगर में रहने वाले मरहूम जनाब शेख सलीम भाई (ऑटो वाले) के पोते शेख आफिल इन दिनों अपनी इबादत और हौसले से लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं। मात्र 12 साल की छोटी उम्र में शेख आफिल इस भीषण गर्मी के मौसम में रमज़ान के पूरे रोज़े रख रहे हैं और नमाज़ों की पाबंदी के साथ तरावीह की नमाज़ भी अदा कर रहे हैं।

शेख आफिल अपनी दादी हमीदा बेगम के साथ पिछले कुछ वर्षों से रमज़ान के रोज़े रख रहे हैं और पूरी लगन के साथ इबादत कर रहे हैं। जहाँ गर्मी के कारण कई सेहतमंद और बड़े लोग भी पूरे रोज़े नहीं रख पाते, वहीं शेख आफिल अपनी कम उम्र में पूरे रमज़ान के रोज़े रखकर सबको हैरान कर रहे हैं।
परिवार और मोहल्ले के लोग भी शेख आफिल की लगन और इबादत को देखकर खुश हैं और उनकी हौसला अफज़ाई कर रहे हैं। कम उम्र में इस तरह की धार्मिक पाबंदी और इबादत समाज के अन्य बच्चों के लिए भी एक अच्छी प्रेरणा बन रही है।
रमज़ान का महीना सब्र, इबादत और नेकियों का महीना माना जाता है, और शेख आफिल जैसे बच्चे अपनी लगन से यह संदेश दे रहे हैं कि अगर इरादा मजबूत हो तो छोटी उम्र भी इबादत में रुकावट नहीं बनती।


