भव्यता के साथ मनाई गई भगवान झूलेलाल जयंती: भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा बिलासपुर
बिलासपुर। सिंधी समाज के इष्ट देव भगवान झूलेलाल जी की जयंती ‘चेटीचंड’ के पावन अवसर पर न्यायधानी बिलासपुर में सिंधी समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धा, परंपरा और उत्साह के इस संगम में पूरा शहर ‘जय झूलेलाल’ और ‘आयो लाल झूलेलाल’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। इस भव्य आयोजन में 17 वार्ड पंचायतों के मुखियाओं और हजारों की संख्या में समाजजनों ने शिरकत कर अपनी एकता और अटूट आस्था का परिचय दिया।

भक्तिमय शोभायात्रा का श्रीगणेश
समारोह की शुरुआत सुबह हेमू नगर स्थित झूलेलाल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। इसके पश्चात, भगवान झूलेलाल जी की आकर्षक झांकी के साथ विशाल शोभायात्रा प्रारंभ हुई। शोभायात्रा का नेतृत्व समाज के वरिष्ठ जनों और पंचायत प्रमुखों ने किया। झांकी में भगवान झूलेलाल जी का स्वरूप और सिंधी संस्कृति की झलक देखते ही बन रही थी।

नगर भ्रमण और भव्य स्वागत
शोभायात्रा हेमू नगर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों की ओर बढ़ी। जैसे-जैसे कारवां आगे बढ़ा, श्रद्धा का जनसैलाब भी बढ़ता गया। मार्ग में जगह-जगह भव्य स्वागत द्वार बनाए गए थे।
प्रमुख मार्ग: शोभायात्रा हेमू नगर से निकलकर धान मंडी, तोरवा, जगमल चौक, दयालबंद और गांधी चौक पहुँची। इसके बाद जूना बिलासपुर, हटरी चौक, और मनोहर टाकीज होते हुए श्याम टाकीज तक का सफर तय किया गया।

व्यापारिक केंद्रों में उत्साह: जब शोभायात्रा कंवरराम कपड़ा बाजार, गोलबाजार और सदर बाजार पहुँची, तो व्यापारियों ने पुष्पवर्षा कर भगवान की अगवानी की। प्रताप चौक और रामसेतु होते हुए जुलूस सरकंडा सिपत चौक पहुँचा।
समापन: अंतिम चरण में यात्रा नेहरू चौक, राजेंद्र चौक और हेमू कलाणी चौक होते हुए जरहाभाटा सिंधी कॉलोनी पहुँची, जहाँ महाआरती के साथ शोभायात्रा का गरिमामय समापन हुआ।
17 पंचायतों का अभूतपूर्व समन्वय
इस वर्ष का आयोजन अपनी एकता के लिए ऐतिहासिक रहा। शहर की 17 वार्ड पंचायतों के मुखियाओं ने न केवल शोभायात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाई, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। पंचायतों द्वारा समाज के लोगों के लिए जगह-जगह फल, शीतल शरबत, छाछ और स्वल्पाहार के स्टॉल लगाए गए थे। भीषण गर्मी को देखते हुए सेवादारों ने राहगीरों और श्रद्धालुओं की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सिंधी संस्कृति और पारंपरिक नृत्य
शोभायात्रा के आकर्षण का केंद्र सिंधी समाज का पारंपरिक नृत्य ‘छेज’ रहा। युवाओं और महिलाओं की टोलियां ढोल-ताशों की थाप पर पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य करते हुए चल रही थीं। भक्ति गीतों और भजनों के बीच श्रद्धालु झूमते-गाते नजर आए। जगह-जगह सिंधी कला और साहित्य की झांकियां भी प्रदर्शित की गईं, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का संदेश दे रही थीं।
भंडारे और प्रसाद वितरण
समापन स्थल जरहाभाटा सिंधी कॉलोनी में विशाल ‘आम भंडारे’ का आयोजन किया गया, जहाँ हजारों की संख्या में लोगों ने ‘तहरी’ और ‘छोले’ का प्रसाद ग्रहण किया। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि भगवान झूलेलाल जी का संदेश ‘प्रेम और भाईचारा’ है, और यह आयोजन इसी भावना को चरितार्थ करता है।
सुरक्षा और व्यवस्था
इतनी विशाल शोभायात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। सिंधी समाज के स्वयंसेवकों ने पुलिस प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर व्यवस्था संभाली, ताकि आम जनता को असुविधा न हो।
सिंधी समाज बिलासपुर ने इस सफल आयोजन के लिए सभी वार्ड पंचायतों, जिला प्रशासन और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया है। पूज्य सेट्रर पंचायत के अध्यक्ष विनोद मेघानी रॉबिन वाधवानी मनीष लाहोरानी, मनोहर खटवानी, कैलाश मलघानी, अमित संतवानी, मुकेश मूलचंदानी, संजय मतलानी, राजकुमार बजाज, ओमप्रकाश मनचंदा, गोविंद बतरा, मोहन मदवानी, हरिकिशन गंगवानी हीरानंद छुगानी, राजेश गंगवानी, कैलाश श्यामनानी, जतिन पुरी, विजय वाधवानी, भगवानदास भोजवानी, मनोज सरवानी, अनमोल खत्री, दौलत पंजवानी, अमर रूपानी, सुरेश बजाज, विक्की बजाज, राजेश चंदवानी, रमेश भोजवानी, गौतम मोटवानी, किशन जेठानी, राजेश माधवानी, दिनेश थारवानी, राजकुमार सुखवानी, नवीन रूपानी, रवि बजाज, ऋषभ आडवाणी, हर्षराज होतचंदानी, कमल टेकचंदानी , राज भाटिय़ा, केशव अडवाणी, अमित सुखवानी, कमल टेकचंदानी , गिरीश जेठानी,सन्नी लाहोरानी अखिल भारतीय हिंदू परिषद के प्रदेश मीडिया प्रभारी कमल दुसेजा सी,जी क्राइम न्युज के संभागीय ब्यूरो चीफ सुरज वाधवानी राहुल खटवानी रोमा वाधवानी सहित कार्यक्रम में उपस्थित


