कटोरा छोड़ो, कलम थामो’: समाजसेवी अलीम अंसारी ने ईद पर पेश की इंसानियत की अनूठी मिसाल
बच्चों के हाथों से भीख का कटोरा हटाकर थमाई कलम; शिक्षा के प्रति किया जागरूक

[बिलासपुर],ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर, जहाँ पूरा शहर जश्न और खुशियों में डूबा था, वहीं शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन के अध्यक्ष अलीम अंसारी ने एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल कर समाज को नई दिशा दिखाने का काम किया है। ‘कटोरा छोड़ो, कलम थामो’ के संकल्प के साथ उन्होंने सड़क पर भीख मांग रहे बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजाला फैलाने की कोशिश की।
शिक्षा की ओर बढ़ते कदम
विगत 5 वर्षों से स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में निस्वार्थ सेवा दे रहे अलीम अंसारी ने ईद की खुशियाँ उन बच्चों के साथ बांटीं, जिन्हें अक्सर समाज अनदेखा कर देता है। उन्होंने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भीख मांग रहे बच्चों को प्रेमपूर्वक गले लगाया और उन्हें ईद के तोहफे के रूप में कलम और स्टेशनरी भेंट की। उनका उद्देश्य इन बच्चों को यह अहसास कराना था कि उनका भविष्य कटोरे में नहीं, बल्कि शिक्षा और कलम में है।

अभिभावकों से भावुक अपील
इस दौरान अलीम अंसारी ने बच्चों के माता-पिता से भी मुलाकात की और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया। उन्होंने हाथ जोड़कर अपील की कि, “बच्चों से भीख मंगवाना उनके भविष्य को अंधकार में डालना है। इन मासूमों को पढ़ने-लिखने का अवसर दें ताकि वे बड़े होकर समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।”
निरंतर सेवा का संकल्प
उल्लेखनीय है कि अलीम अंसारी अपनी संस्था ‘अमान अंसारी वेलफेयर फाउंडेशन’ के माध्यम से लगातार जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। इस अनोखी पहल की शहर के बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि समाज सुधार की ऐसी कोशिशें ही वास्तविक रूप से देश के भविष्य को उज्ज्वल बना सकती हैं।
इस अवसर पर अलीम अंसारी ने कहा कि, “सच्ची ईद वही है जब हम अपनी खुशियों में वंचितों को शामिल करें और समाज की कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लें।”


