प्रवेश मार्ग बंद होने और बुनियादी समस्याओं से बिलासपुर के बाजार बेहाल, व्यापारियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर: शहर के ऐतिहासिक और प्रमुख व्यापारिक केंद्र की स्थिति इन दिनों बदहाल है। राष्ट्रीय राजमार्ग के नाम पर मुख्य प्रवेश द्वारों (एंट्री पॉइंट्स) को बंद किए जाने, गहराते जल संकट और चारों ओर फैली अव्यवस्था के कारण स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि प्रशासन के इस अदूरदर्शी निर्णय से क्षेत्र का व्यापार पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुँच गया है।

प्रमुख संकट: एंट्री पॉइंट्स की तालाबंदी
व्यापारियों के अनुसार, इस मार्केट में लगभग 40 से 200 छोटी-बड़ी दुकानें संचालित होती हैं, जो शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। पूरे बाजार के लिए मात्र 2-3 मुख्य प्रवेश मार्ग उपलब्ध हैं। वर्तमान में, डिवाइडर निर्माण का हवाला देते हुए इन मुख्य मार्गों को बंद किया जा रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के एंट्री पॉइंट्स बंद करना सीधे तौर पर उनके रोजगार पर प्रहार है। ग्राहकों की आवाजाही रुकने से पिछले कुछ दिनों में व्यापार में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

पानी और स्वच्छता का अभाव
बाजार केवल मार्ग अवरुद्ध होने से ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं की कमी से भी जूझ रहा है। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। इसके अतिरिक्त, ड्रेनेज व्यवस्था की विफलता और चारों ओर फैली गंदगी ने व्यापारियों और ग्राहकों का बाजार में खड़ा होना दूभर कर दिया है। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग बिना किसी आपसी तालमेल और योजना के कार्य कर रहे हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
व्यापारिक संगठनों की प्रमुख माँगें:
व्यापारिक संगठनों ने एकजुट होकर प्रशासन के समक्ष अपनी निम्नलिखित माँगें रखी हैं:
- एंट्री पॉइंट्स की बहाली: मार्केट के मुख्य प्रवेश द्वारों को तत्काल प्रभाव से खोला जाए।
- डिवाइडर योजना में संशोधन: डिवाइडर का निर्माण इस प्रकार हो जिससे बाजार की कनेक्टिविटी प्रभावित न हो।
- वैकल्पिक मार्ग: यदि निर्माण अनिवार्य है, तो पहले सुगम वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए।
- जल आपूर्ति और सफाई: पानी की किल्लत को दूर किया जाए और बाजार परिसर में नियमित सफाई सुनिश्चित हो।


