बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की महत्वपूर्ण बैठक: बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण पर जोर
राजपत्रित अधिकारी, थाना/चौकी प्रभारी एवं बीट स्टाफ की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न।
अपराध नियंत्रण, पुलिस दृश्यता (Visibility) और सामुदायिक पुलिसिंग पर दिया गया विशेष ध्यान।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 18 पुलिस कर्मियों को नकद पुरस्कार की घोषणा।
बिलासपुर:जिला बिलासपुर के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अपराधों की रोकथाम हेतु लागू की गई ‘सुदृढ़ बीट प्रणाली’ की समीक्षा हेतु आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में जिले के राजपत्रित पुलिस अधिकारियों सहित 60 से अधिक थाना/चौकी प्रभारी एवं बीट कर्मचारी उपस्थित रहे।

सतत निगरानी और सक्रिय पुलिसिंग के निर्देश
बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बीट प्रणाली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि बीट अधिकारी अपने क्षेत्र की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखें। इसमें आपराधिक, सामाजिक, साम्प्रदायिक, राजनीतिक के साथ-साथ छात्र एवं श्रमिक गतिविधियां भी शामिल हैं। उन्होंने क्षेत्र के स्थायी निवासियों और नए आगंतुकों के सत्यापन पर भी विशेष बल दिया।

बीट ड्यूटी के मुख्य प्राथमिकता वाले बिंदु:
बैठक में बीट अधिकारियों को निम्नलिखित बिन्दुओं पर कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देशित किया गया:
विधिक कार्यप्रणाली: पुलिस रेगुलेशन के अनुरूप व्यवस्थित बीट रिकॉर्ड संधारण।
सामुदायिक पुलिसिंग: ग्रामों में शिविर लगाकर आमजन से संवाद और पुलिसिंग को जनोन्मुखी बनाना।
जन जागरूकता: नागरिकों को साइबर फ्रॉड और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना।

प्रभावी कार्यवाही: अवैध शराब की बिक्री पर रोक, लंबित समंस/वारंट की तामील और स्थाई वारंटियों की धरपकड़।
निगरानी: गुंडा-बदमाशों एवं निगरानीशुदा अपराधियों की नियमित चेकिंग तथा चोरी के प्रकरणों में त्वरित पतासाजी।
जन समस्या निवारण: मोहल्लों और ग्रामों में नियमित बैठकें कर स्थानीय समस्याओं का मौके पर समाधान।
उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान
बीट प्रणाली के तहत सराहनीय प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने हेतु एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने नकद पुरस्कार की घोषणा की।
पुरस्कृत होने वाले अधिकारी/कर्मचारी:
प्रधान आरक्षक नवीन कुमार एवं आरक्षकगण दुर्गेश प्रजापति, सोनू पाल, विवेक राय, संजू जांगड़े, नितेश सिंह, सत्य कुमार पाटले, मनीष वाल्मीकि, शिव कुर्रे, पवन बंजारे, सज्जू अली, राहुल जगत, रंजीत खरे, देवेंद्र शर्मा, बोधुराम कुम्हार, विकास यादव, मिथलेश साहू, विनोद शास्त्री।
बैठक के अंत में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी को अपने उत्तरदायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने और जनता के बीच पुलिस का विश्वास बढ़ाने का संकल्प दिलाया।


