विशेष संवाददाता मोहन मदवानी
बिलासपुर में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही: सिंधी कॉलोनी में 24 घंटों से ब्लैकआउट, बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग
बिलासपुर। न्यायधानी के व्यस्ततम इलाकों में से एक, सिंधी कॉलोनी में पिछले 24 घंटों से बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिना बिजली के रह रहे स्थानीय निवासियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। इस संकट ने बिजली विभाग के रखरखाव और आपातकालीन दावों की पोल खोलकर रख दी है।

भीषण गर्मी में बेहाल हुए बुज़ुर्ग और मरीज़
सिंधी कॉलोनी में बीते कल से कटी बिजली ने लोगों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। तापमान 40 डिग्री के पार होने के कारण घरों के भीतर रहना दूभर हो गया है। सबसे बुरा हाल इलाके के बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर मरीजों का है। बिजली न होने के कारण कूलर और पंखे बंद पड़े हैं, जिससे बंद कमरों में दम घुटने जैसी स्थिति पैदा हो गई है। कई घरों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और अन्य मेडिकल उपकरणों पर निर्भर मरीजों के लिए यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है।
पानी का संकट: बूंद-बूंद को तरसे निवासी
बिजली गुल होने का सीधा असर क्षेत्र की जल आपूर्ति पर पड़ा है। घरों की टंकियां खाली हो चुकी हैं और मोटर न चल पाने के कारण दैनिक कार्यों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं है। सिंधी कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि उन्हें पीने के पानी तक के लिए बाहर से बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं या दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। एक स्थानीय निवासी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, “बिजली विभाग को बार-बार फोन करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। हम टैक्स देते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसाया जा रहा है।”
विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
यह घटना बिजली विभाग की मानसून पूर्व तैयारियों और मेंटेनेंस के दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी फॉल्ट का पता न लगा पाना और मरम्मत कार्य में इतनी देरी करना विभाग की भारी लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विभाग के उच्च अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।


