सूरज वाधवानी की खास खबर
ऑनलाइन बस टिकट विवाद में बिलासपुर की महिलाओं पर जानलेवा हमला; पुलिस प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल,
कांकेर से बिलासपुर की यात्रा कर रही दो महिलाओं के साथ रॉयल बस के कंडक्टर और सह-यात्रियों द्वारा बर्बरतापूर्वक मारपीट और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल यात्री सुरक्षा बल्कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी बड़े गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित महिलाएं (बिलासपुर निवासी) ने कांकेर से बिलासपुर जाने के लिए ऑनलाइन टिकट बुक की थी। जब वे बस में सवार हुईं और उन्होंने कंडक्टर को ऑनलाइन टिकट दिखाया, तो कंडक्टर ने उसे मानने से साफ इनकार कर दिया। महिलाएं जब अपनी आरक्षित सीटों पर बैठने गईं, तो वहां पहले से ही अन्य यात्री बैठे हुए थे, जिन्हें रॉयल बस के कंडक्टर ने अवैध रूप से सीटें आवंटित कर दी थीं।

जब महिलाओं ने अपनी वैध सीट के लिए विरोध दर्ज कराया, तो सीट पर अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे यात्रियों (जिसमें 4 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल थीं) ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि उक्त 8 लोगों ने दोनों महिलाओं पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मारपीट में महिलाओं के सिर पर गंभीर चोटें आईं, खून बहने लगा और एक महिला का हाथ भी टूट गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने महिलाओं के गले से सोने की चेन भी लूट ली। इस क्रूरता के बाद बस कंडक्टर ने घायल महिलाओं को मदद देने के बजाय बीच रास्ते में ही बस से नीचे उतार दिया।
अस्पताल में भर्ती, एक की हालत नाजुक:
राहगीरों और परिजनों की मदद से दोनों घायल महिलाओं को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, सिर पर गहरी चोट के कारण एक महिला की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस जांच-पड़ताल’ का बहाना बनाकर रिपोर्ट लिखने में आनाकानी की गई और उल्टा पीड़ित महिलाओं पर ही आरोपियों से राजीनामा (समझौता) करने का भारी दबाव बनाया गया। हालांकि, लहूलुहान और न्याय की आस लिए महिलाओं ने इस अनुचित समझौते से साफ इनकार कर दिया।
परिजनों और समाज की मांग:
रॉयल बस के दोषी कंडक्टर और मारपीट व लूटपाट करने वाले सभी 8 आरोपियों (4 पुरुष, 4 महिलाएं) को तत्काल गिरफ्तार कर उन पर जानलेवा हमले व डकैती की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।
ऑनलाइन टिकट प्रणाली को ठेंगा दिखाने वाली ट्रैवल एजेंसी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।


