सुरज वाधवानी की खास खबर

चकरभाठा में भक्तिमय माहौल में संपन्न हुई त्रिविमीय श्री भक्तमाल कथा, अब 12 जून से बिलासपुर में सजेगा दरबार
चकरभाठा / बिलासपुर:बाबा आनंदराम दरबार, चकरभाठा में आयोजित तीन दिवसीय ‘श्री भक्तमाल कथा’ का अत्यंत भक्तिमय और आनंद व उल्लास के साथ भव्य समापन हुआ। तीन दिनों तक चली इस सत्संग गाथा में श्रद्धालुओं पर ज्ञान और वैराग्य की अनवरत वर्षा हुई। कथा के मुख्य वाचक परम श्रद्धेय साईं कृष्णदास जी महाराज ने अपने मुखारविंद से भक्तमाल कथा का बेहद सुंदर और मर्मस्पर्शी वाचन किया, जिसे सुनकर उपस्थित


संगत भाव-विभोर हो उठी।
इस भव्य आयोजन में चकरभाठा के अलावा बिलासपुर, कोरबा, अकलतरा, तिल्दा एवं रायपुर से भारी संख्या में आई संगत ने कथा और कीर्तन का दिव्य लाभ उठाया। भीषण गर्मी के बावजूद पंडाल में भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था; प्रेम और भक्ति के प्रवाह में डूबी संगत को गर्मी का जरा भी अहसास नहीं हुआ।



संतों का प्रेम सबके लिए एक समान: साईं कृष्णदास जी
कथा के अंतिम दिन एकादशी का पावन संयोग रहा। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्रद्धेय साईं कृष्णदास जी ने कहा कि संत समाज में कभी छोटे-बड़े या अमीर-गरीब का भेद नहीं करते। संतो का प्यार और आशीर्वाद सभी के लिए एक समान होता है, यह केवल इंसान के देखने का नजरिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक सच्चे भक्त, शिष्य और सेवक का निश्छल प्रेम ही संतों का दिल जीत सकता है।


सेवादारों का जताया आभार
एकादशी के पावन अवसर पर मुख्य सेवा का सौभाग्य चकरभाठा के चंदानी परिवार को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में बाबा आनंदराम दरबार सेवा समिति और सभी सेवादारों ने दिन-रात एक कर दिया। साईं कृष्णदास जी ने सेवादारों के कठिन परिश्रम और सच्ची सेवा भावना की सराहना करते हुए समिति व सभी प्रेमियों को दिल से आशीर्वाद दिया और आभार व्यक्त किया।
अगला आयोजन: 12 से 14 जून तक तोरवा (बिलासपुर) में
चकरभाठा में कथा की पूर्णाहूति के साथ ही समिति द्वारा अगले कार्यक्रम की घोषणा भी की गई। आगामी माह में परम श्रद्धेय साईं कृष्णदास जी के सानिध्य में तीन दिवसीय श्री भक्तमाल कथा का भव्य आयोजन 12, 13 और 14 जून को सिंधु भवन, तोरवा (बिलासपुर) में किया जाएगा। कथा का समय रात्रि 9:00 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस सत्संग का लाभ उठाने की अपील की है।


