संवाददाता उमाखरे की रिपोट
छत्तीसगढ़ी माटी की महक और लोककला का संगम: कुली में पोरा तिहार पर सजीं मनमोहक रंगोलियां
सीपत: छत्तीसगढ़ी लोककला, पारंपरिक संस्कृति और जन-आस्था के प्रतीक पोरा (पोला) तिहार के शुभ अवसर पर शीतला माता सेवा समिति द्वारा भव्य रंगोली एवं थाली सजावट प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।
शीतला माता मंदिर प्रांगण में आयोजित इस उत्सव में महिलाओं, बहनों, बेटियों के साथ-साथ नन्हें-मुन्ने बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी कलाकृतियों से समूचे परिसर को आनंदमयी बना दिया।


आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए अर्जुन कुमार वस्त्रकार ने कहा, “पोरा पर्व हमारी छत्तीसगढ़ी माटी की पहचान और सांस्कृतिक धरोहर है। इस प्रकार के आयोजनों से हमारी लोककला को सहेजने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं और बच्चों को एक सुंदर मंच मिलता है।”
प्रतियोगिता के अंतर्गत रंगोली श्रेणी में प्रतिभागियों ने पोरा पर्व, नंदी बैल, जांता, राउत नाचा और पर्यावरण संरक्षण जैसे पारंपरिक विषयों पर मनमोहक रंगोलियां बनाईं। वहीं थाली सजावट प्रतियोगिता में घर से सजाकर लाई गई आरती एवं पूजा थालियों ने सभी का मन मोह लिया।
प्रतियोगिता के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार के रूप में नकद राशि से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में अर्जुन वस्त्रकार, विनय वस्त्रकार, नंदिनी साहू, सियाराम यादव,केदार वस्त्रकार,रामगोपाल साहू, आरती रजक, बिंदा ठाकुर, ललिता साहू, रामकुमारी, भावना साहू, आरती साहू, रोहित ठाकुर, आनंद मोहन, गुड्डा साहू, करण साहू सहित भारी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर पोरा उत्सव का भरपूर आनंद लिया। अंत में समिति ने सभी का आभार व्यक्त किया।














