नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026।
राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ (SHS 2026) अभियान की शुरुआत 17 सितंबर 2026 से की जाएगी। इस वर्ष अभियान का विषय “स्वच्छता में जन सहभागिता; स्वच्छ भारत, विकसित भारत” है। अभियान का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति नागरिकों में सहभागिता, जिम्मेदारी और स्वामित्व की भावना को मजबूत करते हुए स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के निर्माण में जनभागीदारी को व्यापक बनाना है।
आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर ‘संपूर्ण सरकार’ और ‘संपूर्ण समाज’ के दृष्टिकोण के साथ जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करता है। वर्ष 2026 में अभियान के दौरान स्वच्छता के साथ-साथ नागरिकों और ‘जन भागीदारी’ पर विशेष जोर दिया जाएगा।
पाँच प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित होगा अभियान
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत पाँच प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा—
- स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों एवं स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों का रूपांतरण
- स्वच्छ पाठशाला—स्वच्छता के लिए युवा
- सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर
- स्वच्छता के लिए जन भागीदारी
- स्वच्छता से समृद्धि
अभियान के अंतर्गत चिन्हित स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (CTUs) का कायाकल्प, सार्वजनिक स्थलों का सौंदर्यीकरण तथा स्वच्छता गतिविधियों को दीर्घकालिक रूप से बनाए रखने पर विशेष जोर रहेगा।
युवा, सफाईमित्र और सर्कुलरिटी पर विशेष फोकस
इस वर्ष स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छता गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए स्वच्छता ज्ञान यात्रा, स्वच्छता एवम जल संरक्षण संवाद, स्रोत पृथक्करण एवं अन्य जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
इसके साथ ही ‘सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ के माध्यम से स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य जांच, कल्याण योजनाओं, सुरक्षा उपकरणों और सम्मान से जुड़े विषयों पर ध्यान दिया जाएगा।
‘कचरे से कंचन’ और ‘कचरे से कला’ जैसी पहलों के माध्यम से पुनः उपयोग, मरम्मत, पुनर्चक्रण और कचरे को संसाधन में बदलने की दिशा में नागरिक सहभागिता को प्रोत्साहित किया जाएगा।
वर्ष 2025 के अभियान में देशभर में लगभग 18 करोड़ लोगों ने सहभागिता की थी, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से 13.91 करोड़ और शहरी क्षेत्रों से 4.53 करोड़ प्रतिभागी शामिल थे।
27 सितंबर, 1 अक्टूबर और 2 अक्टूबर को विशेष आयोजन
अभियान के दौरान 27 सितंबर 2026 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन स्थलों, तीर्थस्थलों, स्वच्छ प्रतिष्ठित स्थलों एवं सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
1 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 से 9 बजे तक ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ पहल के तहत देशभर में एक साथ स्वैच्छिक श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान आयोजित किए जाएंगे।
वहीं 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाओं तथा शहरी क्षेत्रों में विशेष परिषद बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी।
श्री तोखन साहू ने नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों, निजी क्षेत्र एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी से स्वच्छता के संकल्प को स्थायी जनआंदोलन में बदला जा सकता है।














