जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर शिकायत, जांच और सुधार की मांगस्टेरिओ ओपीडी की फॉल्स सीलिंग में लीकेज से लेकर बंद स्तनपान कक्ष तक, मरीजों की सुविधाओं का मुद्दा उठाया
चकरभाठा/सकर्रा। जिला अस्पताल बिलासपुर में गर्भवती महिलाओं, महिला-पुरुष मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों को हो रही कथित असुविधाओं को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को शिकायत आवेदन सौंपा गया है। शिकायत में अस्पताल की व्यवस्थाओं का भौतिक निरीक्षण कर कमियों को दूर कराने तथा कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ताओं को लिखित रूप से उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

शिकायत में स्टेरिओ ओपीडी के आयु फॉल्स सीलिंग में पानी का लीकेज और सीलिंग का हिस्सा गिरने की स्थिति, मरीजों की सुरक्षा के लिए तत्काल तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है। वहीं स्तनपान कक्ष में ताला लगे होने से नवजात शिशु की माताओं को परेशानी होने का उल्लेख करते हुए कक्ष को तत्काल खोलकर नियमित उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की मांग की गई है। दिव्यांगों के लिए बनाए गए टॉयलेट में ताला लगे होने और उसके निजी उपयोग की शिकायत पर भी जांच की मांग की गई है।

सोनोग्राफी के लिए घंटों इंतजार का आरोप
आवेदन में महिला एवं पुरुष टॉयलेट में नियमित साफ-सफाई नहीं होने, गंदगी के कारण मरीजों को परेशानी होने तथा संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा सोनोग्राफी कक्ष के आसपास मरीजों की भारी भीड़ और घंटों इंतजार की समस्या का उल्लेख करते हुए स्टाफ एवं व्यवस्था की समीक्षा कर प्रतीक्षा समय कम करने की मांग की गई है।
गायनिक ओपीडी में कक्ष क्रमांक की स्पष्ट जानकारी नहीं होने से मरीजों और उनके परिजनों को कक्ष खोजने में परेशानी होने की बात भी आवेदन में कही गई है। इसके लिए अस्पताल में स्पष्ट सूचना बोर्ड एवं दिशा-सूचक बोर्ड लगाने की मांग की गई है। साथ ही ओपीडी क्षेत्र में अव्यवस्थित पड़े चप्पलों और अन्य सामान को निर्धारित स्थान पर रखने तथा पूरे ओपीडी क्षेत्र में साफ-सफाई एवं संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था की विशेष जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने जिला अस्पताल में गर्भवती महिला, नवजात शिशु, दिव्यांग और अन्य मरीजों की सुरक्षा व सम्मान को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा जांच के बाद की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप से उपलब्ध कराने की मांग की है। आवेदन की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला कलेक्टर एवं जिला अस्पताल प्रबंधन को भी भेजी गई है।



