जिस शिक्षिका ने गढ़ी नींव, उन्हीं संध्या मैडम को सम्मान के साथ दी विदाई; शिष्य ने जताया दिल से आभार
संवाददाता:अश्वनी यादव
बिलासपुर । शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शंकर नगर, बिलासपुर में आदरणीय सुश्री संध्या मैडम के विदाई समारोह में भावुक माहौल रहा। पहली से पांचवीं कक्षा तक बच्चों को शिक्षा और संस्कार देने वाली संध्या मैडम को याद करते हुए उनके शिष्य भारत यादव ने कहा कि “मैडम मेरे लिए सिर्फ शिक्षिका नहीं, बल्कि मेरे जीवन को नई दिशा देने वाली गुरु और प्रेरणास्रोत हैं। उन्हीं से मुझे शिक्षक बनने की प्रेरणा मिली। आज मैं जो कुछ भी हूं, उसमें मेरी गुरु का योगदान हमेशा याद रहेगा।” उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा के दौरान मैडम से मिले ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन ने उनके जीवन की मजबूत नींव रखी। उन्होंने अपनी गुरु के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ शिक्षक केवल किताबों का पाठ पढ़ाते हैं, जबकि कुछ जीवन जीने की राह दिखाते हैं।

विदाई समारोह का आयोजन एबीओ सुनीता ध्रुव, सीएसी मैडम, प्राचार्य खोपरागड़े जी, विजय यादव सर सहित मिडिल स्कूल एवं हाई स्कूल के समस्त स्टाफ ने मिलकर किया। कार्यक्रम में संध्या मैडम के परिवार से उनकी बहन, दामाद, भतीजे-भतीजी सहित परिजन भी शामिल हुए।


इस दौरान उनके शिक्षकीय योगदान, सरल व्यवहार और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण को याद करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। समारोह में गुरु-शिष्य के आत्मीय रिश्ते की झलक दिखाई दी। उपस्थित शिक्षकों, परिजनों और शिष्यों ने संध्या मैडम के आगामी जीवन के लिए सुखद, स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।


