नक्सल गतिविधियों के दौर के बाद विकास की नई पहुंच, कोडेकुर्सी में पहुंची विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं, शिविर स्थल में ही 44 महिलाओं ने कराया सोनोग्राफी
मेगा स्वास्थ्य शिविर में 1019 ग्रामीणों का OPD पंजीयन,सुदूर क्षेत्र में घर के करीब मिली जांच और उपचार की सुविधा
उत्तर बस्तर कांकेर, 05 अक्टूबर 2026/ कभी नक्सल गतिविधियों के कारण दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले दुर्गुकोंदल विकासखंड के ग्राम कोडेकुर्सी में अब विकास और जनसेवा की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। मोहला-मानपुर जिले की सीमा से लगे इस क्षेत्र में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित सेवा सेतु अभियान के तहत मेगा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उनके गांव के नजदीक उपलब्ध कराई गईं। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण जहां ग्रामीणों के लिए जिला मुख्यालय अथवा बड़े अस्पताल तक पहुंचना कठिन था, वहीं शिविर स्थल में ही 44 गर्भवतीम महिलाओं ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण करवाया। कलेक्टर श्री कुन्दन के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल करते हुए
एक ही स्थान पर जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, जांच ,दवाइयां और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
शिविर में 1019 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया, उन्हें नि: शुल्क दवाईयां भी दी गई, इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड काउंटर पर 86, एनसीडी जांच में 294, सामान्य चिकित्सा में 130, स्त्री रोग विशेषज्ञ से 45, नाक-कान-गला विशेषज्ञ से 68, हड्डी रोग विशेषज्ञ से 66, शिशु रोग विशेषज्ञ से 25 तथा नेत्र संबंधी सेवाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लाभ लिया। 190 लोगों की नेत्र जांच, 140 लोगों की लैब जांच, 76 दिव्यांगता प्रमाण-पंजीयन तथा 302 हितग्राहियों को दवाइयों का वितरण किया गया। इसके अलावा आयुष क्लिनिक में 275, टीबी पंजीयन/जांच एवं एक्स-रे में 87 तथा दंत रोग संबंधी सेवाओं में 5 लोगों ने लाभ लिया।
सीने के दर्द से परेशान थीं सिंगो बाई, गांव में ही मिला इलाज और मुफ्त दवा
ग्राम मिचेवाड़ा निवासी वृद्ध सिंगो बाई लंबे समय से सीने में दर्द की समस्या से परेशान थीं। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में रहने और शहर तक आने-जाने में होने वाली कठिनाई के कारण वे नियमित रूप से उपचार नहीं करा पा रही थीं। शिविर की जानकारी मिलने पर वे स्वयं कोडेकुर्सी पहुंचीं और चिकित्सकों से जांच कराई।
सिंगो बाई ने बताया, “सीने में दर्द की परेशानी थी, लेकिन दूर होने के कारण शहर जाकर इलाज कराना मुश्किल था। जब पता चला कि गांव के पास ही स्वास्थ्य शिविर लगा है तो मैं यहां आई। डॉक्टर ने जांच की और मुझे मुफ्त दवाई भी मिली। इतनी दूर हमारे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने के लिए मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का धन्यवाद करती हूं।”
चारगांव के अशोक कुमार को चार महीने बाद मिला नेत्र उपचार, मुफ्त चश्मे से मिली राहत
इसी तरह ग्राम चारगांव निवासी अशोक कुमार गावरे पिछले करीब चार महीने से आंखों की समस्या से परेशान थे। शिविर में नेत्र विशेषज्ञों द्वारा उनकी जांच की गई और उन्हें आवश्यक परामर्श के साथ निःशुल्क चश्मा उपलब्ध कराया गया।

अशोक कुमार ने बताया कि गांव से दूर जाकर आंखों की जांच कराने में परेशानी होती थी, लेकिन शिविर में ही जांच और चश्मे की सुविधा मिलने से उन्हें काफी राहत मिली।
डॉ. जूही साहू ने कहा—दूरस्थ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना हमारे लिए सौभाग्य
मेडिकल कॉलेज कांकेर से संबद्ध कोमल देव जिला चिकित्सालय कांकेर की रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जूही साहू ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले तरांदुल में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 26 लोगों की सोनोग्राफी की थी और आज कोडेकुर्सी में 44 लोगों की सोनोग्राफी की गई।


डॉ. जूही साहू ने कहा, “यहां कुछ ऐसी महिलाएं भी मिलीं, जिन्हें अपने स्वास्थ्य के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं थी। कुछ महिलाओं को तो यह भी जानकारी नहीं थी कि सोनोग्राफी क्या होती है। आज हमें ऐसे दूरस्थ क्षेत्र में पहुंचकर उनकी जांच और सेवा करने का अवसर मिल रहा है।”
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कुछ महिलाओं में पेट में गांठ, कुछ में पानी का स्तर कम होने तथा कुछ मामलों में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के संकेत मिले। आवश्यक जांच के बाद ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर किया गया। उन्होंने कहा कि समय पर ऐसे मामलों की पहचान कर आगे के उपचार के लिए भेज पाना महत्वपूर्ण है।

डॉ. साहू ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए यह संतोष और सौभाग्य की बात है कि वे ऐसे क्षेत्रों में जाकर सीधे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा पा रहे हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बदली तस्वीर, गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधा
कोडेकुर्सी जैसे दूरस्थ क्षेत्र में आयोजित यह शिविर केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीणों को यह भरोसा भी दे रहा है कि अब विकास और शासन की सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंच रही हैं। नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा के वातावरण के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ने से ग्रामीणों के जीवन में बदलाव दिखाई दे रहा है।
सेवा संकल्प अभियान के अन्तर्गत आयोजित इस सेवा सेतु अभियान के माध्यम से जिला प्रशासन का प्रयास है कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां किसी भी ग्रामीण को स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न करें। कोडेकुर्सी में बड़ी संख्या में ग्रामीणों का शिविर तक पहुंचना और विशेषज्ञ चिकित्सकों से उपचार प्राप्त करना इसी बदलती तस्वीर का उदाहरण है।


