बस्तर संभाग ब्युरो चिप राहुल खटवानी
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से कांकेर में थमा बेमौसम बारिश का दौर, आसमान में छाए हैं बादल; किसानों की बढ़ी चिंता।
कांकेर, 30 अक्टूबर 2026: बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’के असर से छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पिछले दो दिनों से जारी बेमौसम बारिश का दौर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। बीती रात से बारिश का सिलसिला पूरी तरह थम गया है, जिससे आम जनजीवन ने कुछ राहत की सांस ली है। हालांकि, बारिश रुकने के बावजूद आसमान में अभी भी घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं का असर बना हुआ है।
मौसम विभाग ने चक्रवात ‘अर्नब’ के उत्तर की ओर बढ़ने के कारण 28 और 29 अक्टूबर को कांकेर सहित छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में अति भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई थी। इस चक्रवाती सिस्टम के असर से लगातार दो दिनों तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था तथा लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई थीं।
किसानों की बढ़ी चिंता, फसलों को पहुंचा नुकसान:
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से हुई इस बेमौसम बारिश का सबसे बड़ा खामियाजा अन्नदाता किसानों को भुगतना पड़ा है। खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल और अन्य मौसमी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। कई खेतों में फसलें पानी में डूब गईं या बिछ गईं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
प्रशासन की नजर और निर्देश:
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग चक्रवात के बाद की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग के अनुसार तूफान अब कमजोर पड़ चुका है, लेकिन प्रशासन ने किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी है। साथ ही, जल्द ही सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिए जाने की उम्मीद है।



