आत्मसमर्पित 15 नक्सली कौशल प्रशिक्षण लेकर लौटे घर, अब हुनर से संवारेंगे अपना भविष्य
कलेक्टर कुन्दन कुमार और एसपी निखिल राखेचा ने मुल्ले स्थित नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर अपने घरों को लौटने के लिए दी शुभकामनाएं, वितरित किए टूलकिट एवं प्रमाण पत्र
उत्तर बस्तर कांकेर, 30 अक्टूबर 2026/ हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाने और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने की दिशा में राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा ने मुल्ले स्थित नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने घरों लौटने वाले सभी 15 आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात की और सुखमय जीवन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी । इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण के व्यवसायों से संबंधित टूलकिट एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्र वितरित किए।


इन 15 आत्मसमर्पित नक्सलियों में 8 महिलाएं और 7 पुरुष शामिल हैं। इन्हें राजमिस्त्री, सहायक इलेक्ट्रीशियन, प्लंबिंग और गार्डनिंग के कार्यों के लिए टूलकिट प्रदान किए गए। इसके अलावा ट्रैक्टर संचालन एवं रिपेयरिंग तथा मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले माओवादियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए, ताकि वे अपने हुनर के माध्यम से स्वरोजगार स्थापित कर सकें।उल्लेखनीय है कि अगस्त 2025 से जिले आत्मसमर्पित नक्सलियों को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने की पहल शुरू की गई थी।

अब तक कुल 66 आत्मसमर्पित नक्सली विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद आज अपने घरों को लौटने वाले 15 आत्मसमर्पित नक्सलियों के साथ ही पुनर्वास केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सभी 66 आत्मसमर्पित नक्सली अपने घर लौट चुके हैं और सामान्य जीवन की नई शुरुआत की ओर अग्रसर हैं। आज आत्मसमर्पित नक्सलियों के घर रवाना होने के अवसर पर कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना एक महत्वपूर्ण निर्णय है। अब प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त हुनर को आजीविका का माध्यम बनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वासित व्यक्ति केवल रोजगार प्राप्त करने वाले ही नहीं, बल्कि स्वयं रोजगार देने वाले उद्यमी भी बनें।
कलेक्टर ने आत्मसमर्पित माओवादियों जिनका प्रधानमंत्री आवास योजना से आवास स्वीकृत हुआ हैं उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर लाभान्वित करने की दिशा में भी आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। आज घर लौट रहे 15 आत्मसमर्पित नक्सलियों में से 11 को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी प्रदान किया गया है।


कार्यक्रम के दौरान अपने घरों को लौटने वाले सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों ने अपनी आजीविका को और बेहतर बनाने के लिए 25 सिलाई मशीन उपलब्ध कराने का अनुरोध कलेक्टर से किया, इस पर उन्होंने आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत करेंगे तथा अपने परिवार और समाज के विकास में सहभागी बनेंगे।



