
रिपोर्टर — सुरज पुरेना
बिलासपुर न्यूज / सर्वदलीय मंच ने छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यक समुदायों और आपसी भाईचारे की रक्षा हेतु प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मंच ने ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि विगत दिनों आर.एस.एस. और बजरंग दल से जुड़े लोग अल्पसंख्यकों पर आधारहीन आरोप लगाकर हमले कर रहे हैं और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। हाल ही में दुर्ग में 2 ननों और 3 आदिवासी युवतियों को बजरंग दल की शिकायत पर बिना गहन जांच के जेल भेजने की घटना को मंच ने संविधान का उल्लंघन करार दिया।

ज्ञापन में कहा गया कि छत्तीसगढ़ हमेशा भाईचारे और समावेशी संस्कृति का प्रदेश रहा है, लेकिन शासन के संरक्षण में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाकर अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है। यह प्रवृत्ति सभ्य समाज और राष्ट्रीय एकता के लिए गंभीर खतरा है। मंच ने यह भी चिंता जताई कि किसी भी बांग्लाभाषी व्यक्ति को बांग्लादेशी बताकर बिना जांच के निशाना बनाया जा रहा है, जिससे सामाजिक ताने-बाने को नुकसान हो रहा है।

सर्वदलीय मंच ने चार प्रमुख मांगें रखीं—
1. किसी भी धर्म या समुदाय पर झूठे आरोप लगाकर हो रहे हमलों पर तत्काल रोक।
2. किसी भी मामले में संपूर्ण जांच के बाद ही एफआईआर व गिरफ्तारी।
3. केवल भाषा के आधार पर नागरिकों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति पर रोक।
4. देश के सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा हेतु भारत सरकार को निर्देश जारी करना।
मंच ने कहा कि शिक्षा, रोजगार व स्वास्थ्य सुविधाओं में विफल सरकार सामाजिक विभाजन पैदा कर रही है, जिसके खिलाफ सजग नागरिक एकजुट रहेंगे।