क्राइम रिपोटर अमित पवार
बिलासपुर: राज किशोर नगर में बड़ी लापरवाही, सीवरेज के खुले चैंबर में गिरी गर्भवती गाय; निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
बिलासपुर। न्यायधानी के वार्ड क्रमांक 51, राज किशोर नगर से प्रशासन की एक ऐसी संवेदनहीन तस्वीर सामने आई है, जिसने नगर निगम के सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है। बीती शुक्रवार की रात, एक गर्भवती गाय सीवरेज के खुले मेनहोल में जा गिरी। पूरी रात बेजुबान जानवर मौत और जिंदगी के बीच संघर्ष करता रहा, जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं था।

सुबह सफाई कर्मचारी ने दी सूचना
घटना का खुलासा शनिवार सुबह तब हुआ जब सफाई कार्य के लिए पहुँचे एक कर्मचारी की नज़र मेनहोल के भीतर फंसी गाय पर पड़ी। कर्मचारी ने तत्काल इसकी सूचना वार्ड सुपरवाइजर को दी। जैसे ही खबर फैली, मौके पर स्थानीय मोहल्लेवासियों की भारी भीड़ जमा हो गई।

भाजपा पार्षद और जनता के प्रयास से बची जान
वार्ड क्रमांक 51 के भाजपा पार्षद प्रीतेश सोनी जी को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुँचे। इसके बाद पार्षद के नेतृत्व में नगर निगम के कर्मचारियों और मोहल्ले के युवाओं ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घंटों की मशक्कत के बाद सुरक्षित तरीके से गर्भवती गाय को चैंबर से बाहर निकाला गया। बाहर निकालने के बाद पशु चिकित्सकों द्वारा गाय का प्राथमिक उपचार किया गया है।

बड़ा सवाल: आखिर दोषी कौन?
इस घटना ने क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीवरेज निर्माण के बाद चैंबरों को खुला छोड़ देना या उन पर घटिया दर्जे के ढक्कन लगाना आम बात हो गई है।

सड़क पर बिछा मौत का जाल: एक तरफ प्रशासन शहर को स्मार्ट बनाने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर रिहायशी इलाकों में खुले मेनहोल “डेथ ट्रैप” साबित हो रहे हैं।
किसकी लापरवाही? क्या नगर निगम और संबंधित ठेकेदार किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहे हैं? आज तो एक बेजुबान इस लापरवाही का शिकार हुई, कल कोई मासूम बच्चा या राहगीर भी इस अंधेरे चैंबर की भेंट चढ़ सकता है।
जवाबदेही तय होनी चाहिए
वार्ड पार्षद और क्षेत्र की जनता ने मांग की है कि इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर पर कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल गाय सुरक्षित है, लेकिन इस घटना ने नगर निगम के मेंटेनेंस विभाग की सुस्ती और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को चौराहे पर खड़ा कर दिया है।

