बिलासपुर: सिंधी भाषा और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प, पंचायत भवन में गूंजी सिंधी विरासत की झलक
सिंधी भाषा दिवस के अवसर पर पूज्य सिंधी सेंट्रल पंचायत
बिलासपुर भारतीय सिंधु सभा बिलासपुर सिंधी सेंट्रल महिला विंग, भारतीय सिंधु सभा महिला शाखा, पूज्य पंचायत सिंधी कॉलोनी, महिला शाखा सिंधी कॉलोनी के द्वारा सिंधी कॉलोनी स्थित पंचायत भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिंधी भाषा एवं संस्कृति को जीवित रखने एवं पुरानी पीढ़ी के अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का रहा । इसमें कई वरिष्ठ प्रतिभागियों ने सिंधी गीत संगीत एवं सिंधी मुहावरों के ऊपर अपनी प्रस्तुतियां दी ।

इसमें भरत चंदानी, कविता मोटवानी, छाया भगतानी गायत्री पमनानी राजकुमारी मेंहानी रेशमा नेहलानी, लक्ष्मी सोनी ने अपनी प्रस्तुतियां दी । इसके अलावा पूजा पोपटानी, वर्षा वाधवानी मनीषा, रती एवं बच्चों के ग्रुप में हास्य विनोद एवं डांस की प्रस्तुतियां दी जिसका उपस्थित प्रतिभागियों ने आनंद लिया । कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी ने अपने उद्बोधन में कहा की सिंधी भाषा को संविधान की सूची में शामिल कर इसे उचित सम्मान तो दिया गया है परंतु विभाजन की प्रक्रिया में जो पूरा सिंध प्रदेश हमसे ले लिया गया और बदले में विभाजित हिंदुस्तान में कोई राज्य अलग से नहीं प्रदान किया गया उसकी कमी आज भी खलती है । बिना अलग राज्य के अपनी भाषा संस्कृति को बनाए रखना और बचाना काफी कठिन है । आज का यह जो आयोजन है यह इसी कड़ी में किया गया एक प्रयास है । कार्यक्रम के अंत में सिंधी भाषा एवं बोली के संबंध में अपनी सेवाएं दे रहे विभिन्न शिक्षकों को सम्मानित किया गया जिसमें विनीता चिमनानी कंचन जैसवानी शत्रुघन जैसवानी, कविता कटरा, सुनीता भोजवानी श्वेता आसवानी, झरना मेघानी एकता भोजवानी, वैशाली भोजवानी आशा बजाज सृष्टि बजाज रोहन गंगवानी कशिश चांदवानी को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में सिंधी मुहावरे उनके अर्थ, वर्तमान में युवा पीढ़ी की रिश्तो से अपेक्षाएं एवं बच्चों की नृत्य नाटिकाएं शामिल थी । कार्यक्रम में अंत में प्रस्तुति देने वाले समस्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया । कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपील की कि घर में बच्चों से एवं आपस में सिंधी भाषा में ही बात करें जिससे हमारी भाषा और संस्कृति बनी रहे। वक्ताओं ने यह भी कहा कि अगर आजकल की युवा पीढ़ी एवं बच्चे अन्य भाषाएं सीखना चाहते हैं तो हमें उन्हें रोकना नहीं चाहिए परंतु अन्य भाषाओं के साथ-साथ अपनी सिंधी भाषा का ज्ञान हम अपने बच्चों को जरूर दें । कार्यक्रम में विनोद मेघानी,रूपचंद डोडवानी, शंकर मनचंदा, गोपाल सिधवानी, मोहन जैसवानी, महेश पमनानी, राम सुखीजा, नवीन जादवानी, कंचन मलघानी, अमर चावला, अमर पमनानी, बॉबी दीदी, पूनम बजाज, आशा जैसवानी, भारती सचदेव, प्राची भगतानी एवं महिला विंग के समस्त कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे । कार्यक्रम को सफल बनाने में गरिमा साहनी, सोनी बहरानी, विशाल पमनानी का विशेष योगदान रहा । मंच संचालन कमल बजाज ने किया ।


