संवाददाता उमा खरे की रिपोट
ग्राम पंचायत कुकदा: जर्जर स्कूली भवनों में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, बारिश में छत से टपक रहा पानी
विधायक प्रतिनिधि वीरेंद्र लैहर्शन ने उठाई तत्काल राहत की मांग
कुकदा। ग्राम पंचायत कुकदा स्थित शासकीय हाई स्कूल, मिडिल स्कूल एवं प्राइमरी स्कूल के भवनों की स्थिति अत्यंत दयनीय और जर्जर हो चुकी है। बारिश के मौसम में भवनों का उचित रखरखाव न होने के कारण छतों से लगातार पानी टपक रहा है, जिससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।



हालत यह है कि पहली से पांचवीं कक्षा तक के छोटे-छोटे मासूम बच्चे मात्र दो कमरों में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। वहीं, पिछले तीन वर्षों से शासन की ओर से शाला अनुदान (स्कूल ग्रांट) की राशि न मिलने के कारण व्यवस्थाएं पूरी तरह ठप पड़ी हैं। राशि के अभाव में शाला परिसर का रंग-रोगन, शौचालय की सफाई व मरम्मत, भवन का रखरखाव तथा टूटी कुर्सियों व फर्नीचर की मरम्मत का काम अटका हुआ है, जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक प्रतिनिधि वीरेंद्र लैहर्शन ने शिक्षा विभाग और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने मांग की है कि:
जर्जर स्कूल भवनों की स्थिति का तत्काल संज्ञान लिया जाए और बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
पिछले तीन वर्षों से रुकी हुई शाला अनुदान राशि को शीघ्र अति शीघ्र स्कूल प्रबंधन के खाते में जारी किया जाए।
यदि वर्तमान में खाते में कोई राशि उपलब्ध हो, तो उसे तुरंत मरम्मत कार्य में उपयोग करने की स्वीकृति दी जाए ताकि अवरुद्ध पड़े विकास व रखरखाव के कार्य जल्द शुरू हो सकें।














