अग्रवाल और उनके सुपुत्र दिव्यांश अग्रवाल ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया नाम, बिल्हा नगर व अग्रवाल समाज में हर्ष की लहर
बिल्हा। नगर की प्रतिभा और अध्यात्म के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए बिल्हा निवासी श्रीमती कीर्ति अग्रवाल एवं उनके सुपुत्र दिव्यांश (दिव्या) अग्रवाल ने ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में अपना नाम दर्ज कराकर पूरे क्षेत्र और समाज को गौरवान्वित किया है।
यह विश्व रिकॉर्ड चिन्मया मिशन द्वारा आयोजित ‘श्रीमद्भागवत गीता’ के ऑनलाइन निरंतर व सटीक पाठ कार्यक्रम के अंतर्गत बना, जिसमें कुल 8,277 साधकों द्वारा एक साथ गीता पाठ किया गया था। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से इस ऐतिहासिक उपलब्धि का आधिकारिक प्रमाण पत्र जारी किया गया है।

अध्यात्म और सेवा का अनुपम संगम
कीर्ति अग्रवाल वर्तमान में ‘गीता परिवार बिलासपुर’ की सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वे गीता परिवार में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सक्रिय हैं। वे तकनीकी सहायक, ग्रुप समन्वयक, एडिटिंग, कॉलिंग, मॉनिटरिंग, मेंटर और साधक मित्र जैसी बहुआयामी जिम्मेदारियां निभाती हैं। उनकी इस निष्ठा को देखते हुए उन्हें ‘स्टार गीता प्रचारक’ की उपाधि से भी नवाजा गया है।
वहीं, उनके सुपुत्र दिव्यांश अग्रवाल भी अध्यात्म के पथ पर अग्रसर हैं। वे गीता परिवार से जुड़कर साधक के साथ-साथ ‘बाल सखा’ के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दोनों मां-बेटे की इस संयुक्त उपलब्धि ने बिल्हा नगर और अग्रवाल समाज का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
डॉ. आर. सी. अग्रवाल ने किया सम्मानित
इस अभूतपूर्व सफलता पर ‘CG Crime’ प्रेस रिपोर्टर एवं ‘श्री हनुमान चालीसा समिति’ के संरक्षक डॉ. आर. सी. अग्रवाल ने श्रीमती कीर्ति अग्रवाल के निवास पहुंचकर उन्हें हनुमान दुपट्टा एवं श्रीमद्भागवत गीता की पवित्र पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर नगरवासियों, प्रबुद्धजनों और अग्रवाल समाज ने श्रीमती कीर्ति अग्रवाल एवं उनके सुपुत्र को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और निरंतर प्रगति की कामना की है।














