संवाददाता उमा खरे की रिपोट
ग्राम पंचायत जुहली में मिसाल: आवारा और स्थानीय मवेशियों के लिए ग्रामीणों व सरपंच की अनुकरणीय पहल, धान फसल की सुरक्षा के साथ गोठान को बनाया आशियाना


ग्राम जुहली: ग्राम पंचायत जुहली में आज सरपंच और समस्त ग्रामवासियों की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में आवारा एवं गांव के बेनाम मवेशियों के बेहतर रखरखाव और फसलों की सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक एवं जनहितैषी निर्णय लिया गया।
किसानों के खेतों में लहलहा रही धान की फसल को चराई से बचाने और मवेशियों के संरक्षण हेतु समस्त ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से प्रत्येक किसान परिवार से 3,000 रुपये का सहयोग जुटाने का संकल्प लिया है। इस राशि से गोशाला/गोठान में पशुओं के चारे, पानी और देख-रेख का पुख्ता प्रबंध किया जाएगा।


सुरक्षा एवं बाड़बंदी: मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए गोठान के चारों ओर कांटेदार तार (कांटा तार) लगाने का निर्णय लिया गया, जिससे मवेशी बाहर न भटकें।
चरवाहों की नियुक्ति: गोशाला में पशुओं की देखभाल और सही प्रबंधन के लिए चरवाहे लगाए गए हैं।
फसलों को राहत: इस व्यवस्था से किसानों की धान की फसल सुरक्षित होगी, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों ने राहत की सांस ली है।
इस संयुक्त पहल से अब पंचायत के हर मवेशी को एक सुरक्षित आशियाना मिल गया है। बैठक में सरपंच त्रिभुवन पोर्ते, कांग्रेस नेता भागीरथी पोर्ते, शत्रुहन सिंह, नवरतन गोंड़, विश्वनाथ श्रीवास, राम भजन, राधे लाल, पुनीराम, शिव पाल, सुखसागर, सुखनंदन सिंह मरावी, जावेद खान, राजा राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। सभी ने एकमत होकर इस सामाजिक कार्य को सफल बनाने का संकल्प लिया।














