कुरेली सब-स्टेशन में ऑपरेटर अमन साहू की मौत के लिए बिजली विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार: श्याम मूरत कौशिक
तखतपुर / किसान कांग्रेस के महासचिव और ढनढन (तखतपुर) निवासी श्याम मूरत कौशिक ने कुरेली सब-स्टेशन में 32 वर्षीय युवा ऑपरेटर अमन साहू की संदेहास्पद और दुखद मौत पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि इस घटना और उसके बाद निर्मित हुई समस्त परिस्थितियों के लिए पूरी तरह से बिजली विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन जिम्मेदार हैं।
श्री कौशिक ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि अमन साहू की मौत के लिए छत्तीसगढ़ के बाहर के बिजली ठेकेदार और लापरवाह बिजली अधिकारियों के खिलाफ हत्या का एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए था। लेकिन इसके विपरीत, प्रशासन ने न्याय मांग रहे पीड़ित ग्रामीणों पर ही मारपीट का झूठा आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कर दी और 7 निर्दोष युवकों को जेल भेज दिया।
प्रशासन की दोहरी नीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने सीतापुर के भाजपा विधायक द्वारा मई (6 महीने पूर्व) में नायब तहसीलदार के साथ की गई मारपीट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस गंभीर मामले में गैर-जमानती धाराएं लगने के बावजूद आज तक विधायक की गिरफ्तारी नहीं हुई है। तहसीलदार संघ के आंदोलन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उल्टे उस तहसीलदार को ही वहां से हटा दिया गया, जो प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैये को उजागर करता है।
श्याम मूरत कौशिक ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के ठेकेदारों और अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण छत्तीसगढ़ में अमन साहू जैसे कई युवा बिजली ऑपरेटरों की जान जा चुकी है, लेकिन शासन-प्रशासन को इससे कोई सरोकार नहीं है। सरकार छत्तीसगढ़ से बाहर के लोगों को ठेका देकर यहां के बेरोजगार युवकों और किसानों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रही है।
किसान कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अमन साहू की मौत के लिए जिम्मेदार बिजली अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ तत्काल हत्या का जुर्म दर्ज किया जाए, अन्यथा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।





