
रिपोर्टर — सुरज पुरेना
बिलासपुर न्यूज / कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम सेंदरी में गुरुवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब प्रशासनिक अमला विवादित सरकारी जमीन से कब्जा हटाने पहुंचा। एसडीएम मनीष साहू के निर्देश पर नायब तहसीलदार विभोर यादव, राजस्व निरीक्षक और पटवारी की टीम मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होते ही किसानों ने विरोध जताया और कहा कि उन्हें पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई।
ग्रामीणों ने तहसीलदार के समक्ष निवेदन किया कि वे स्वयं से कब्जा हटाने के लिए एक सप्ताह का समय चाहते हैं। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई रोक दी और किसानों को मोहलत दे दी। एसडीएम ने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा हटाना आवश्यक है, लेकिन किसानों के अनुरोध पर अब एक सप्ताह बाद कार्रवाई की जाएगी।
पुराना विवाद
ग्राम सेंदरी का यह मामला लंबे समय से विवादों में है। किसान गेंदराम साहू का आरोप है कि उनकी संयुक्त नाम पर दर्ज भूमि खसरा नंबर 1307/1 और 1308 पर खड़ी फसल को बिल्डर ने जबरन पाटकर 50 फीट चौड़ी सड़क बना दी। किसान का कहना है कि यह काम चोरी-छिपे रात में किया गया।
पीड़ित ने शिकायत एसडीएम कार्यालय में दर्ज कराई थी। प्रारंभिक सुनवाई 27 जनवरी 2025 तय हुई, लेकिन निर्वाचन कार्य का हवाला देकर इसे 5 मार्च तक टाल दिया गया। इस बीच 31 जनवरी को किसान की अपील भी खारिज कर दी गई। शिकायत में स्पष्ट उल्लेख है कि उक्त खसरा नंबर किसान गेंदराम साहू और चिरौंजी भाई के नाम पर दर्ज हैं, जबकि एसडीएम आदेश में जिन खसरा नंबरों का जिक्र है, वे पहले से ही स्थायी मार्ग के रूप में दर्ज हैं।
मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च 2025 को प्रस्तावित है। किसान अब भी न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं और दोषी बिल्डर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।