[ रिपोर्टर सुरज पुरेना ]
बिलासपुर न्यूज। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (मा.पु.से.) के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस ने मस्तूरी गोलीकांड के आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सात आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। घटना में प्रयुक्त दो देशी पिस्टल, एक कट्टा, पांच मैगजीन, चार जिंदा कारतूस और 13 खाली खोखे बरामद किए गए हैं।

थाना मस्तूरी क्षेत्र में 28 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे नकाबपोश हमलावरों ने नितेश सिंह और उसके साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिससे राजू सिंह और चंद्रभान सिंह घायल हो गए थे। दोनों को तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने एसीसीयू (सायबर सेल) और मस्तूरी थाना टीम की संयुक्त कार्रवाई में 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य आरोपी विश्वजीत अनंत और नितेश सिंह के बीच जमीन विवाद और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर लंबे समय से तनाव था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि विश्वजीत ने अपने भाई और साथियों के साथ मिलकर षड्यंत्रपूर्वक नितेश सिंह को मारने की योजना बनाई थी। 25 अक्टूबर को भी हत्या का प्रयास किया गया था, जो असफल रहा।

आरोपियों में विश्वजीत अनंत, अरमान उर्फ बलमजीत अनंत, बाहत उर्फ विक्रमजीत, मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस, मोहम्मद मतीन उर्फ मॉन्टू और दो नाबालिग शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि तारकेश्वर पाटले ने विश्वजीत को एक लाख रुपये दिए थे, जिसे उसने अन्य आरोपियों में बांटा था। पुलिस अब इस आर्थिक लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और मस्तूरी क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।




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