संवाददाता उमा खरे
बिलासपुर में बाबा गुरु घासीदास जयंती की धूम: स्वाभिमान रैली में गूंजा ‘सतनाम’ का संदेश
बिलासपुर | 17 दिसम्बर 2025आज 18वीं सदी के महान समाज सुधारक और सतनाम पंथ के संस्थापक बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती के अवसर पर बिलासपुर शहर में आस्था और स्वाभिमान का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गाजे-बाजे और पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की थाप पर बाबा जी के जयकारे सुनाई देने लगे।

भव्य शोभा यात्रा और स्वाभिमान रैली
जयंती समारोह का मुख्य आकर्षण मिनी बस्ती स्थित गुरुद्वारे से निकली विशाल ‘स्वाभिमान रैली’ रही। यह रैली न केवल एक जुलूस थी, बल्कि बाबा जी के शांति और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनी। रैली में हजारों की संख्या में श्वेत ध्वज लिए श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे की धुनों और पंथी नृत्य की टोली ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
रैली का मार्ग:
यह भव्य शोभा यात्रा मिनी बस्ती गुरुद्वारे से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी: नेहरू चौक: यहाँ जनसमूह का भव्य स्वागत किया गया। गोलबाजार व तेलीपारा: व्यापारिक केंद्रों में बाबा जी

के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया गया।
पुराना बस स्टैंड व अग्रसेन चौक: यहाँ श्रद्धालुओं के लिए स्वल्पाहार और जल की व्यवस्था की गई थी।
समापन: अंत में यह रैली जारहाभाटा स्थित गुरुद्वारे पहुँचकर एक विशाल धर्मसभा के रूप में परिवर्तित हुई, जहाँ बाबा जी की आरती और अरदास के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
‘मनखे-मनखे एक समान’ का गूंजा नारा
पूरी रैली के दौरान बिलासपुर की सड़कों पर बाबा गुरु घासीदास जी का मूल मंत्र “मनखे-मनखे एक समान” गूंजता रहा। यह नारा समाज में ऊंच-नीच, जाति-पाति और भेदभाव को मिटाकर मानवता को सर्वोपरि रखने का संदेश दे रहा था। जगह-जगह पर समितियों द्वारा मिष्ठान और फल वितरण किया गया, जिससे उत्सव की मिठास पूरे शहर में घुल गई।
सामाजिक समरसता की मिसाल
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि बाबा जी का जीवन दर्शन पूरी दुनिया को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाता है। आज की इस रैली में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। श्वेत वस्त्र धारण किए श्रद्धालु बाबा जी के बताए ‘सतनाम’ के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराते नजर आए।
इस पावन अवसर पर बिलासपुर के जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई और क्षेत्रवासियों को बाबा गुरु घासीदास जयंती की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।


