जंगल में मंगल मना रहे जुआरियों पर पुलिस का ‘वज्रपात
बिलासपुर | 31 दिसंबर, 2025 बेलगहना के बगघरा जंगल के सन्नाटे में ‘हार-जीत’ की बाजी सजी थी। लेकिन बिलासपुर पुलिस की पैनी नजरों से यह खेल छिप न सका। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को बेनकाब किया है जो दो जिलों की सरहदों का फायदा उठाकर जुए का काला साम्राज्य चला रहा था।

बगघरा का घना जंगल, जहां मोबाइल नेटवर्क भी साथ छोड़ देता है, वहां जुआरियों ने अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया था। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस की टीम ने शिकारियों की तरह दबे पांव जंगल में प्रवेश किया। जैसे ही पुलिस ने जुए की ‘फड़’ पर धावा बोला, वहां हड़कंप मच गया।

पुलिस की इस रेड में जो हाथ लगा, वह हैरान करने वाला था:
नकदी का : मौके से ₹1,18,700 नगद बरामद किए गए।
07 महंगे मोबाइल फोन 03 मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं, जिनसे आरोपी दुर्गम रास्तों को पार कर जंगल पहुँचते थे।
टीपू खान और केवट का ‘नेटवर्क’
यह कोई साधारण जुआ नहीं था। जांच में खुलासा हुआ कि बेलगहना का कुख्यात बदमाश अनवर उर्फ टीपू खान और जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) का शातिर अपराधी प्रकाश केवट मिलकर इस अंतर-जिला जुआ को चला रहे थे। पुलिस ने इनके खिलाफ BNS की धारा 112 (संगठित अपराध) के तहत मोर्चा खोल दिया है। हालांकि, मुख्य सरगना टीपू और प्रकाश फरार होने में सफल रहे, लेकिन पुलिस का दावा है कि उनके ठिकाने अब ज्यादा दूर नहीं हैं।

सलाखों के पीछे पहुँचे 8 खिलाड़ी
पुलिस ने मौके से यश कुमार गंधर्व, अंसार अंसारी, अविनाश श्रीवास, अमित यादव, रितेश पटेल, रंजित गिरी, राजकुमार रजक और दीपक बिनकर को गिरफ्तार किया है। इनमें से कई पुराने हिस्ट्रीशीटर हैं।
अब तक जुआ खेलने वालों पर मामूली धाराएं लगती थीं, लेकिन बिलासपुर पुलिस ने नयी न्याय संहिता (BNS) का उपयोग कर अपराधियों को साफ संदेश दिया है कि अवैध कार्यों को ‘व्यापार’ बनाने वालों का अंजाम बुरा होगा।
इस साहसिक कार्यवाही में चौकी प्रभारी हेमंत सिंह के साथ सउनि भरतलाल राठौर और उनकी जांबाज टीम (अंकित, धीरज, सुनील, लारंग साय थे

