संवाददाता जय प्रकाश यादव
अमसेना में भक्ति का शंखनाद: आज भव्य कलश यात्रा के साथ पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं शिव महापुराण कथा का होगा शुभारंभ
- राष्ट्रहित और गौ-रक्षा के संकल्प के साथ बिलासपुर के निकट ग्राम अमसेना में जुटने लगे श्रद्धालु।
- प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के समीप सजेगा ज्ञान और भक्ति का भव्य दरबार।
- राष्ट्रीय धर्माचार्य परम पूज्य श्री दुर्गेश शर्मा जी की मधुर वाणी से प्रवाहित होगी अमृतमयी कथा।
बिलासपुर (छ.ग.) | 19 जनवरी 2026
न्यायधानी बिलासपुर के समीपवर्ती ग्राम अमसेना में आज से भक्ति, आध्यात्म और लोक कल्याण का एक अनूठा संगम होने जा रहा है। ग्राम अमसेना स्थित सुप्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के पावन परिसर के समीप पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ एवं संगीतमय श्री शिव महापुराण नवान्ह यज्ञ कथा का भव्य आयोजन आज, 19 जनवरी 2026, सोमवार से प्रारंभ हो रहा है।

भव्य कलश यात्रा से होगा मंगलारंभ
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि यज्ञ की शुरुआत आज सुबह एक विशाल एवं भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। इस यात्रा में क्षेत्र की माताएं-बहनें पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर मंगल कलश धारण कर ग्राम भ्रमण करेंगी। कलश यात्रा के पश्चात पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश और अरणी मंथन जैसे शास्त्रीय विधि-विधानों के साथ यज्ञ की वेदी में अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। पूरे अमसेना क्षेत्र को भगवा ध्वजों और तोरण द्वारों से सजाया गया है, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया है।
लोक कल्याण और राष्ट्रहित का संकल्प
इस महायज्ञ का उद्देश्य अत्यंत व्यापक और जनकल्याणकारी है। आयोजकों के अनुसार, “समस्त जीवों के कल्याण, गौ-माता की रक्षा, और राष्ट्रहित” की भावना को केंद्र में रखकर इस पंच कुंडीय श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान समय में सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संरक्षण हेतु ऐसे अनुष्ठान अत्यंत आवश्यक हैं।
विद्वान कथावाचक एवं यज्ञाचार्य की उपस्थिति
इस नौ दिवसीय ज्ञान यज्ञ में भक्तों को भगवान शिव की महिमा का रसपान कराने हेतु राष्ट्रीय धर्माचार्य परम पूज्य श्री दुर्गेश शर्मा जी मुख्य कथावाचक के रूप में उपस्थित रहेंगे। श्री शर्मा जी अपनी मधुर वाणी और मर्मस्पर्शी प्रसंगों के माध्यम से भक्तों को अध्यात्म के सागर में डुबकी लगवाएंगे।
वहीं, यज्ञ की समस्त तांत्रिक और वैदिक प्रक्रियाओं को संपन्न कराने हेतु यज्ञाचार्य पंडित सुरेश सतपथी जी उपस्थित रहेंगे। उनके कुशल मार्गदर्शन में पंच कुंडों में आहुतियां डाली जाएंगी, जिससे क्षेत्र की शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
तैयारियां पूर्ण, श्रद्धालुओं में उत्साह
यज्ञ स्थल पर पांच कुंडों का निर्माण शास्त्रों में वर्णित विधि के अनुसार पूर्ण कर लिया गया है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए विशाल डोम और बैठक व्यवस्था की गई है। बिलासपुर उच्च न्यायालय के नजदीक होने के कारण शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति ने सुरक्षा, पेयजल और पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है।
यज्ञ एवं कथा का समय
- प्रातः काल: वेदी पूजन, अभिषेक एवं पंच कुंडीय महायज्ञ में आहुतियां।
- दोपहर/संध्या: संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा का वाचन, जिसमें भगवान शिव के विभिन्न अवतारों और महिमा का वर्णन किया जाएगा।
आयोजन समिति की अपील:
ग्राम अमसेना के समस्त नागरिकों और आयोजन समिति ने बिलासपुर सहित आसपास के सभी धर्मप्रेमी जनता से अपील की है कि वे इस पावन अवसर पर सपरिवार उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त करें और महादेव का आशीर्वाद ग्रहण करें।
प्रस्तुतकर्ता:
प्रचार-प्रसार समिति,
श्री रुद्र महायज्ञ एवं शिव महापुराण आयोजन समिति,
ग्राम अमसेना, बिलासपुर (छ.ग.)

